झारखंड के खूंटी में मुठभेड़, एक उग्रवादी ढेर; राइफल बरामद

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नक्सलियों के विरुद्ध अभियान चला रही खूंटी पुलिस को बड़ी सफलता फिर से हाथ लगी है। गुरुवार की सुबह खूंटी के रनिया थाना क्षेत्र के मेरामबीर जंगल में पुलिस और 209 कोबरा बटालियन की पीएलएफआइ उग्रवादियों से मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने पीएलएफआइ के एक उग्रवादी को ढेर कर दिया। उसके पास से एक जर्मन राइफल बरामद की गई है।

मारे गए नक्सली की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। वहीं, पुलिस को भारी पड़ता देख बाकी नक्सली घने जंगल का लाभ उठाकर भागने में सफल रहे। नक्सलियों की धरपकड़ के लिए पुलिस जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रही है। जंगल से पुलिस ने भारी मात्रा में कारतूस, मोबाइल फोन बरामद किया है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप रनिया इलाके में है। सूचना के आधार पर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया। ऑपरेशन का नेतृत्व अपर पुलिस अधिक्षक अभियान अनुराग राज कर रहे थे। मुठभेड़ में 209 कोबरा बटालियन की टीम भी शामिल थी।

इससे पूर्व विगत 29 जनवरी को जिले के अड़की थाना क्षेत्र के तिरला गांव के समीप पुलिस व पीएलएफआइ उग्रवादियों में मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में पांच नक्सली मारे गए थे, जबकि दो घायल हुए थे। उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। मुठभेड़ में मारा गया एक नक्सली पीएलएफआइ का दो लाख का इनामी जोनल कमांडर प्रभु सहाय बोदरा था। इसके अलावा संजय ओड़ेया, बच्चा, पलटन व संत थॉमस सोय मारा गया था। वहीं, गिरफ्तार किए गए उग्रवादियों में सामू चुटिया पूर्ति (25) व प्रवीण मुंडू (20) शामिल हैं।

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