दुष्कर्म के दोषी शिक्षक ने मृत्युदंड की सजा के खिलाफ दायर की शीर्ष अदालत में एसएलपी

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नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के अपराध में मृत्युदंड की सजा का सामना कर रहे 28 वर्षीय स्कूल शिक्षक ने मृत्युदंड को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका(स्पेशल लीव पिटीशन, एसएलपी) शीर्ष अदालत में दायर की है।

जबलपुर जेल के विधि अधिकारी अशोक सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि शिक्षक महेन्द्र सिंह गोंड( उम्र 28 ) ने बलात्कार के मामले में मृत्युदंड को चुनौती देने वाली एसएलपी 11 फरवरी 2019 को उच्चतम न्यायालय में दाखिल की है। उन्होंने बताया कि सतना की अदालत ने गोंड को नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के जुर्म में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद इस सजा को मप्र उच्च न्यायालय द्वारा भी बरकरार रखा गया है।

सतना की अदालत ने चार साल की बालिका के साथ बलात्कार के अपराध में गोंड को दोषी करार देते हुए 19 सितम्बर 2018 को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। बलात्कार की यह घटना प्रदेश के सतना जिले के परसमानिया गांव में एक जुलाई 2018 को घटित हुई थी। मप्र उच्च न्यायालय ने 25 जनवरी 2019 को गोंड की मृत्युदंड की सजा की पुष्टि की है।

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