शास्त्रानुसार : ये है नहाने की असली विधि, ऐसे नहाने से मिलते हैं कई फायदे

आज हम इस लेख में नहाने की सही विधि के बारे में बता रहे हैं। नहाने से ना केवल मन को शांति मिलती है बल्कि शरीर में पनपने वाले तमान कीटाणु और बीमारियों से भी मुक्ति मिलती है। नहाने को लेकर हमारे शास्त्रों में कुछ जरुरी बातों को बताया गया है जिन बातों का पालन करने से व नहाने की सही विधि के बातों के बारें में बता रहें हैं। हमारे शास्त्रों के अनुसार नहाने का सबसे सही वक़्त सूर्योदय से पहले का होता है।

शास्त्रों में नहाने की सही विधि के बारे में कई सारी जरुरी बातों के बारें में बता रहें हैं। शास्त्रों में कहा गया है की सूर्योदय से पहले नहाने के बाद इष्ट देव की पूजा अर्चना जरूर करें।

लोगों को नहाते समय शास्त्रों में कहा गया है कि कुछ विशेष मन्त्रों का उच्चारण करना चाहिए जिससे आत्मा को शुद्धि मिलती है। इसके साथ ही अपने इष्ट देव को याद कर लें।

शास्त्रों में बताया गया है कि जो लोग नहाते समय सबसे पहले अपने मष्तिस्क पर पानी ना डालकर शरीर में पानी डालते हैं वे सही तरीके से नहीं नहाते।

शास्त्रों में बताया गया है कि नहाते समय सबसे पहले अपने मष्तिस्क में पानी डालने के बाद अपने शरीर में पानी डाले। सबसे पहले सर के ऊपर पानी डालें जिससे मष्तिस्क के साथ ही पूरे शरीर को शीतलता मिलती है।

शास्त्रों में नहाने की सही विधि के बारे में बताया गया है जिससे जिंदगी में मन और तन दोनों पवित्र होते हैं ऐसा करने से काम में मन भी लगता है।

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