एनएसए के तहत जेल में है पत्रकार, पत्नी अकेले लड़ रही है कानूनी लड़ाई

इलांगबाम रंजीता देवी के पति और पेशे से पत्रकार किशोरचंद्र बांगखेम पिछले साल 27 नवंबर, 2018 से जेल में बंद हैं। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कथित तौर पर मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और विवादित वीडियो अपलोड किया था जिसमें झांसी की रानी की जयंती मनाने के कारण भाजपा सरकार की आलोचना की गई थी।

पति की गिरफ्तारी के बाद से इलांगबाम अपनी नौकरी के लिए वकालत कर रही हैं, वकीलों से मिल रही हैं और सुनवाई के लिए कोर्ट जा रही हैं। उनकी दो बेटियां हैं जिनका ख्याल ननद संध्यारानी रखती हैं। काफी देरी के बाद 22 फरवरी को कोर्ट वांगखेम की अपील सुनेगी और उन्हें उम्मीद है कि उन्हें कुछ राहत मिलेगी। हालांकि वांगखेम की गिरफ्तारी के बाद इलांगबाम पति के समर्थन में रैली का आयोजन कर रही हैं। कानून समझ रही हैं ताकि विरोध प्रदर्शन के दौरान बोल सकें।

इलांगबाम और वांगखेम की साल 2012 में शादी हुई थी। अपने पति के बारे में इलांगबाम ने कहा, ‘वह एक हमेशा शांत रहते थे। उन्हें किताब पढ़ना और राजनीति पर चर्चा करना अच्छा लगता है। वह टीचर बनने की ट्रेनिंग ले रहे थे लेकिन 2017 में पत्रकार बन गए। हम घर में सरकार या राजनीति के बारे में बहुत कम बात करते हैं।’

पिछले साल घटी घटना के बारे में इलांगबाम ने कहा कि विवादित वीडियो अपलोड होने के कुछ घंटों बाद, 19 नवंबर की आधी रात को पुलिस हमारे घर पहुंची। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने हमारे घर की इस तरह से तलाशी ली जैसे किसी आतंकी की लेते हैं। उन्होंने बेड के नीचे देखा, ड्रावर्स खोल दिए। उस कमरे में घुस गए जहां मेरी बड़ी बेटी सो रही थी। उन्होंने पूछा कि तुम किस संस्थान के लिए काम करते हो? कौन तुम्हें प्रभावित कर रहा है? यह सब कुछ फेसबुक पोस्ट की वजह से हुआ।’

वांगखेम के अकाउंट पर अब भी कथित विवादित वीडियो देखे जा सकते हैं। इन्हें 19 नवंबर की सुबह में अपलोड किया गया था। वांगखेम अपने साथियों के साथ संघाई फिल्मोत्सव कवर करने के बाद आईएसटीवी (स्थानीय न्यूज चैनल) के मुख्यालय पहुंचे थे। उन्हें एक रिपोर्ट के बारे में पता चला कि भाजपा मुख्यालय में लक्ष्मीबाई की जयंती मनाई जाएगी।

इलांगबाम के अनुसार वांगखेम ने जुबानी तौर पर नौकरी छोड़ दी थी और आईएसटीवी के टॉप फ्लोर पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया। जिसमें उन्होंने सरकार पर क्षेत्र के इतिहास से छेड़छाड़ की बात कही। उन्होंने कहा कि झांसी की रानी का मणिपुर के स्वतंत्रता संग्राम से कोई लेना-देना नहीं है। वांगखेम ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को नरेंद्र मोदी और हिंदुत्व की कठपुतली कहा। इसके साथ ही कहा कि आओ मुझे गिरफ्तार करो। इसके कुछ घंटे बाद वांगखेम को गिरफ्तार कर लिया गया।

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