साउथ अफ्रीका से श्रीलंका तक शिखर धवन की सफलता का राज ‘ट्रिगर प्वाइंट’

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नई दिल्ली. धवन के धमाकेदार शॉट्स, कभी गोली की रफ्तार से मैदान को चूमती हुई सीमा रेखा को पार करती तो कभी हवा में लहलहाते हुए ग्राउंड के बाहर अपना ठिकाना ढूढ़ती. अपने जोरदार शॉट्स के जरिए धवन ना सिर्फ अपने क्लास को बताते हैं बल्कि इससे उनके परफेक्शन का भी पता चलता है. साउथ अफ्रीका से लेकर श्रीलंका तक या कहें कि साल 2017 से लेकर अब तक धवन ने क्लास और परफेक्शन का बखूबी परिचय देते हुए अपनी बल्लेबाजी का जबरदस्त लोहा मनवाया है.

‘ट्रिगर प्वाइंट’ से मिलती है ताकत

लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि धवन ऐसा कैसे कर लेते हैं. वो अपनी बल्लेबाजी में इतने माहिर कैसे हैं. मैदान पर शानदार, जानदार और दमदार शॉट्स खेलने की ताकत उन्हें कहां से मिलती है, जबकि ना तो वो कद-काठी से लंबे-चौड़े हैं और ना ही शरीर से बहुत ज्यादा ताकतवर. जवाब है ट्रिगर प्वाइंट. बेशक, एक बल्लेबाज को शॉट्स खेलने के लिए उसकी टाइमिंग का सही होना बहुत जरुरी है. लेकिन, ये टाइमिंग भी बल्लेबाज की तबतक सटीक नहीं हो सकती जब तक कि उसका ट्रिगर प्वाइंट परफेक्ट नहीं हो. क्रिकेट की भाषा में ट्रिगर प्वाइंट का मतलब बल्लेबाज के स्टांस से होता है.

लाजवाब है धवन का ‘ट्रिगर प्वाइंट’

शिखर धवन के ट्रिगर प्वाइंट यानी स्टांस की बात करें तो इसमें उनका पैर और शरीर संतुलित रहता है. शॉट खेलने से पहले सिर स्थिर रहता है और दिमांग पर पूरा कमांड होता है. इससे उन्हें गेंद की लाइन और लेंथ को पढ़ने में आसानी होती है और सही टाइमिंग के साथ खुलकर अपने शॉट्स खेलने में सफलता मिलती है.

धवन का ट्रिगर प्वाइंट बल्लेबाजी में उनकी किस तरह मदद कर रहा है अब जरा वो देखिए. अपने ट्रिगर प्वाइंट के दम पर धवन निदाहस ट्रॉफी में अब तक के सबसे सफल बल्लेबाज हैं. उनके नाम 2 मैचों में 145 रन दर्ज हो चुके हैं वो भी 2 अर्धशतकों के साथ. शिखर धवन के इंटरनेशनल T20 करियर में जमाए 6 अर्धशतकों में से 4 अर्धशतक पिछली 8 पारियों में निकले हैं.

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यही नहीं, धवन इससे पहले साउथ अफ्रीका में खेले लिमिटेड ओवर क्रिकेट में भी रनों के मामले में सबसे सफल बल्लेबाजों में शुमार थे. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 T20 मुकाबलों में 1 अर्धशतक के साथ 143 रन बनाकर धवन सीरीज के टॉप स्कोरर रहे थे. वहीं, वनडे सीरीज में 64.60 की शानदार औसत के साथ 323 रन बनाकर वो विराट कोहली के बाद सीरीज के दूसरे बेस्ट स्कोरर रहे थे.

धवन की बल्लेबाजी का ट्रिगर प्वाइंट इतना परफेक्ट है कि उन्होंने पिछले साल टीम इंडिया के किसी भी विरोधी को चैन नहीं लेने दिया. साल 2017 में खेले 31 इंटरनेशनल मुकाबलों में धवन ने 49.60 की औसत से 1637 रन बनाए. साफ है बल्लेबाजी में ट्रिगर प्वाइंट वो जगह है जहां से एक बल्लेबाज की क्लास और उसकी काबिलियत का पता चलता है. बेजोड़ ट्रिगर प्वाइंट के दम पर धवन को ना सिर्फ बड़ी पारियां खेलने में सफलता हासिल हो रही है, बल्कि ऐसा करते हुए वो रन और रिकॉर्ड की झड़ी लगाते हुए टीम इंडिया की जीत की स्क्रिप्ट भी लिख रहे हैं.

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