‘सपा-बसपा गठबंधन केंद्र में BJP को नहीं आने देगा’: मायावती

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समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती आज साझा प्रेस काफ्रेंस कर रहे हैं. मायावती ने कहा ’25 साल बाद सपा और बसपा का गठबंधन बना है. आज ही यह प्रेस कांफ्रेंस पीएम मोदी और शाह की नींद उड़ाएगी.’ उन्‍होंने कहा कि उत्‍तर प्रदेश की जनता बीजेपी से त्रस्‍त आ गई है. इसलिए हमने गठबंधन कर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. जिससे किसी भी कीमत पर बीजेपी को केंद्र या राज्‍य की सत्‍ता पर आने से रोका जा सके.’ उन्‍‍‍‍‍‍‍होंनेे कहा कि कांग्रेस के समय घोषित इमरजेंसी लगी थी, जबकि BJP के राज्‍य में अघोषित इमरजेंसी लगी हुई है. 

मायावती ने कांग्रेस को शामिल न करने पर कहा ‘हमने गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया है. कांग्रेस पार्टी को हम जैसी पार्टियों से अच्‍छा फायदा मिलता है, लेकिन हम जैसी पार्टिेयों को इसका लाभी नहीं मिल पाता. हमारा वोट प्रतिशत कम हो जाता है.’

इसमें आगामी लोकसभा चुनाव में उत्‍तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन में सीट बंटवारे का ऐलान होगा. प्रेस कांफ्रेंस के लिए होटल पहुंचे अखिलेश यादव और मायावती एक-दूसरे से गर्मजोशी से मिले. दोनों ने एक-दूसरे को गुलदस्‍ता देकर स्‍वागत किया. हाल ही में दोनों दलों के नेताओं ने दिल्ली में मुलाकात कर लोकसभा चुनावों में महागठबंधन के स्वरूप पर चर्चा की थी.

निषाद पार्टी को भी महागठबंधन में शामिल किया जा सकता है. 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 80 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी गठबंधन ने 73 सीटें जीती थीं और इस बार उसके नेता 73 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं. बसपा-सपा और रालोद ने साथ मिलकर उपचुनाव लड़ा था जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोरखपुर सीट और उप मुख्यमंत्री की फूलपुर सीट से सपा प्रत्याशियों को जीत मिली थी. जबकि कैराना सीट पर रालोद प्रत्याशी ने भाजपा से यह सीट छीनी थी.

बसपा सुप्रीमो मायावती गुरुवार शाम दिल्ली से लखनऊ पहुंची. पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि वह 15 जनवरी को अपने जन्म दिन के दिन महागठबंधन की साझा प्रेस कांफ्रेंस कर सकती है लेकिन अब जन्म दिन के तीन दिन पहले ही इस प्रेस कांफ्रेस का आयोजन किया जा रहा है.

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि सपा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मिलकर लोकसभा चुनाव में जीत का परचम लहराएंगे. उन्होंने कहा कि पिछले साल लोकसभा उप-चुनाव में हम साथ आए तो प्रदेश के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री की सीट पर भाजपा चुनाव हार गई. इस बार भी हमारा गणित सटीक बैठेगा और भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ेगा. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश शुक्रवार को कन्नौज में ई-चौपाल में लोगों को संबोधित कर रहे थे.

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