प्रताप सिंह बाजवा ने कैप्टन सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, किसानों के साथ देंगे धरना

कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ बयानबाजी का विवाद अभी सुलझा भी नहीं था कि मंगलवार को पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान और राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश के आंदोलनरत गन्ना किसानों के पक्ष में आगे आए बाजवा ने कांग्रेस सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने गन्ना किसानों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया तो वे भी गन्ना किसानों के साथ आंदोलन में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद भी सरकार नहीं जागी तो वे गन्ना किसानों के हक के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।प्रताप सिंह बाजवा ने कैप्टन सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, किसानों के साथ देंगे धरना

इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है
मंगलवार को बुलाई एक प्रेस कांफ्रेंस में बाजवा ने मांग की कि राज्य सरकार निजी चीनी मिलें चालू करके गन्ना किसानों की बकाया रकम का ब्याज सहित भुगतान कराए। उन्होंने कहा कि इन किसानों के वोट लेकर ही कांग्रेस पंजाब में सत्ता में आई है और अगर प्रदेश के किसान आज सड़क पर उतर रहे हैं तो इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने कहा कि देश के अन्नदाता को सड़कों पर बेसहारा नहीं छोड़ा जा सकता।

बाजवा ने कहा कि अगर किसानों की सरकार के साथ बातचीत सफल न हुई तो इसमें किसानों का दोष नहीं है। बाजवा ने कहा कि चीनी मिलें इस बार दिसंबर में भी चालू नहीं हुई है, जिससे गन्ना किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल तक यही चीनी मिलें अक्तूबर-नवंबर के दौरान गन्ने की पिराई का काम शुरू कर लेती थी। 

35 रुपये का भुगतान सरकार अपनी तरफ से करे
बाजवा ने मांग की कि निजी चीनी मिल मालिक 35 रुपये कम कीमत पर गन्ना खरीदना चाहते हैं। ऐसे में किसानों को इस 35 रुपये प्रति क्विंटल राशि का भुगतान सरकार अपनी तरफ से करे। उल्लेखनीय है कि इन दिनों पंजाब के गन्ना किसान पिछले साल बेचे गन्ने का पैसा लेने के लिए निजी चीनी मिलों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। किसानों को पिछला बकाया नहीं मिला है, वहीं उन्हें इस साल खेतों में खड़ी गन्ने की फसल बेचने में भी मुश्किल आ रही है।

बाजवा ने कहा कि दस साल के अंतराल के बाद कांग्रेस बहुमत के साथ सत्ता में लौटी है, जिसके चलते लोगों से किए वादे सरकार को पूरे करने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपील की कि गन्ना किसानों का मामला तुरंत हल करें।