30 रेप और 15 हत्या के आरोपी ‘साइको शंकर’ का ऐसे हो गया अंत

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सीरियल रेपिस्ट और कातिल एम जयशंकर जो तमिलनाडु और कर्नाटक में 30 से ज्यादा रेप मामले में अभियुक्त और कम से कम 15 हत्या के मामले में अभियुक्त है ने जेल में आत्महत्या कर अपनी जान दे दी। बताया जाता है कि मंगवलार सुबह बेंगलुरु के पास स्थित परप्पना अग्रहारा जेल में उसने आत्महत्या कर ली। आपको बता दें कि सीरियल किलर और रेपिस्ट जयशंकर पर 2017 में एक कन्नड़ फिल्म ‘साइको शंकर’ बन चुकी है। बताया जाता है कि उसने शेविंग ब्लेड से अपना गला काट कर अपनी इहलीला समाप्त कर ली।

साथ वालों ने देखा खून से लथपथ

जेल में उसके साथ रह रहे अन्य कैदियों ने कहा कि करीब सवा दो बजे के करीब उन्होंने उसे खून से लथपथ देखा उसके बाद उन्होंने अधिकारियों को सूचित किया। जेल में सेवा पर तैनात डॉक्टरों ने उसका परीक्षण कर तत्काल अस्पताल ले जाने को कहा। इसके बाद शंकर को विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उसे शाम 5 बजकर 10 मिनट पर मृत घोषित कर दिया।

 

नाई से चुराई थी ब्लेड, उसी से काटा गला

आपको बता दें कि 2008 से लेकर 2011 तक आतंक का पर्याय बन चुका जयशंकर अपनी जेल की सजा के दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच बांस के डंडे और बेडशीट की मदद से भागने की भी कोशिश कर चुका है। जेल के अधिकारियों ने उसकी मौत की गहन जांच के आदेश दिए हैं। जेल के अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि जयशंकर ने नाई के पास से एक ब्लेड चोरी करके अपने शर्ट के अंदर छुपाकर रख लिया था। उन्होंने बताया कि किसी ने उसे अपना गला काटते हुए नहीं देखा।

कौन था साइको शंकर… 

सलेम जिला का रहने वाला 41 वर्षीय एम शंकर अलियास जयशंकर ने क्लास 8वीं की पढ़ाई के बाद एक ट्रक ड्राइवर की नौकरी कर ली थी। ट्रक ड्राइवर की नौकरी करते-करते उसकी तमिल, कन्नड़ और हिंदी भाषा पर काफी अच्छी पकड़ बन गई थी। उस बीच ही उसने 39 वर्षीय कांस्टेबल एम जयामनी की रेप कर हत्य़ा कर दी थी जिसके बाद से वह पुलिस ने निशाने पर था। इस मामले की जांच करने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जयशंकर ने पहले उस महिला का अपहरण किया, उसके साथ रेप किया फिर उसकी हत्या कर दी थी। बताया कि उसकी बॉडी 19 सितंबर को सलेम जिले के पास पाया गया था।

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जांच के साथ ही आपराधिक करतूतों का खुला चिट्ठा 

त्रिपुर पुलिस ने जयशंकर के खिलाफ खोज अभियान जारी चलाया इसके बाद उसे 19 अक्टूबर 2009 को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोयंबटूर जेल में रखा गया। जांच के दौरान त्रिपुर पुलिस को पता चला कि इससे पहले भी 2008 में त्रिपुर पुलिस के हाथों रेप औऱ हत्या के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती गई पता लगा कि वह अन्य 13 रेप और हत्या मामले में अभियुक्त है। इसके अलावा 2008-2009 में त्रिपुर, सालेम और धर्मपुरी जिले में भी रेप का आरोपी रह चुका है।

पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भागा

17 मार्च 2011 को जयशंकर को एक हत्या के मामले में धर्मपुरी फास्ट ट्रैक अदालत में पेश किया गया। उसके अगले दिन 19 मार्च को उसे कोयंबटूर जेल वापस ले जाने की तैयारी की जाने लगी। लेकिन जयशंकर पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भागने में सफल रहा। उसी समय पुलिस अधिकारी चिन्नासामी ने इस घटना से शर्मिंदा होकर खुद को गोली मार ली।

भागकर फिर से अपराध में हुआ लिप्त

भागने के बाद से ही जयशंकर ने फिर से रेप और हत्या की वारदातों को अंजाम देना शुरु कर दिया। कर्नाटक के बेलेरे में 6 महिलाओं का रेप कर उनकी हत्या साथ ही धर्मपुरी में एक शख्स और बच्चे की हत्या को उसने अंजाम दिया। आखिरकार कर्नाटक पुलिस ने उसे 4 मई 2011 को बीजापुर के पास से गिरफ्तार कर लिया। हत्या मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जयशंकर केवल अकेली महिलाओं को निशाना बनाता था। वह उनका शारीरिक शोषण कर उनकी हत्या कर भाग जाता था।

2016 में भी एक कैदी ने ऐसे ली थी अपनी जान

इससे पहले भी 2016 में एक कैदी ने जेल के अंदर आत्महत्या कर ली थी। एम रामकुमार जिसने इंफोसिस के एक कर्मचारी एस अवस्थी की हत्या की थी। उसने भी चालू करेंट वाली केबल को चबाकर अपनी जान दे दी थी।

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