पद्मावत के विरोध में अहमदाबाद के मॉल में तोड़फोड़ कर लगायी आग, गुड़गांव में रविवार तक धारा 144 लागू

नई दिल्ली| संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत का विरोध लगातार जारी है. इस फिल्म के प्रदर्शन के खिलाफ गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में कुछ उपद्रवियों ने एक मॉल में आग लगा दी. उपद्रवियों ने वहां खड़ी गाड़ियों को भी आग के हवाले किया. बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को दो राउंड फायरिंग तक करनी पड़ी. आग की चपेट में मॉल और आसपास की दुकानें भी आ गईं. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी के बाद गुरुवार को फिल्म रिलीज होने वाली है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार देर शाम पद्मावत का विरोध कर रहे उपद्रवियों ने मॉल में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की. इस दौरान मॉल के बाहर खड़ी तकरीबन दो दर्जन मोटरसाइकल को आग के हवाले कर दिया गया. प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की. मॉल के मैनेजर राकेश मेहता ने कहा, ‘हमने मॉल के बाहर नोटिस बोर्ड लगाया था जिसमें लिखा था कि हम फिल्म को स्क्रीन पर प्रदर्शित नहीं करेंगे. इसके बावजूद लोगों ने मॉल पर हमला किया.’

इस बीच सीएम विजय रुपाणी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. वहीं, गुड़गांव में फिल्म के रिलीज से पहले राजपूत करणी सेना की धमकी के मद्देनजर रविवार तक निषेधाज्ञा लगा दी गयी है. करणी सेना ने फिल्म की स्क्रीनिंग कर रहे सिनेमाघरों को निशाना बनाने की धमकी दी है. फिल्म का विरोध कर रहे संगठनों में सबसे मुखर करणी सेना का आरोप है कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गयी है.

वहीं, कानपूर के काकादेव के सर्वोदय नगर इलाके में स्थित एक मॉल मल्टीप्लेक्स में करणी सेना के करीब एक दर्जन सदस्यों ने फिल्म पद्मावत के खिलाफ प्रदर्शन किया. काकादेव के थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने बताया कि करणी सेना के सदस्यों ने फिल्म के पोस्टर फाड़ दिये, शीशे तोड़े और वहां मल्टीप्लेक्स के कर्मचारियों के साथ अभद्रता की.

वहीं, श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकताओं ने पटना के सिनोमाघरों को फिल्म ‘पद्मावत’ की एडवांस बुकिंग बंद करने पर मजबूर कर दिया है. पटना में करणी सेना के कार्यकर्ताओं के विरोध और धमकी के मद्देनजर सिनेमाघरों ने फिल्म की ऑनलाइन बुकिंग करनी बंद कर दी है. मध्यप्रदेश में भी इस फिल्म का विरोध हुआ. वहां के राजपूत समाज ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों को अपनी मांगों के समर्थन एक ज्ञापन सौंपा. 

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