बीमारों की घर पर सेवा हो सके, इसलिए रोजाना 1 रुपए में दे रहे मेडिकल उपकरण

मध्यम वर्ग व गरीब परिवार के लोग घर पर बीमार परिजन की सेवा के लिए महंगे उपकरण नहीं खरीद पाते। ऐसे में शहर की एक संस्था मेडिकल इक्यूपमेंट बैंक के माध्यम से पिछले नौ साल से उपकरण उपलब्ध करा रही है। संस्था ने 20 शहरों में भी इसकी सेवा प्रारंभ की है।

इंदौर में हर साल दो हजार लोग इस संस्था की मदद से दिए उपकरणों से अपने परिजनों की सेवा कर पा रहे हैं। आवश्यकता खत्म होने पर वे इन्हें संस्था में जमा करा देते हैं। जिससे अन्य लोग भी इनका लाभ ले पाते हैं। घर पर इलाज के दौरान मेडिकल बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, व्हील चेयर, बैसाखी, कुर्सी, स्टीमर, वॉटर बैग, सक्शन मशीन आदि उपलब्ध करा रहे हैं।

मात्र एक रुपए रोज पर ये उपकरण दिए जा रहे हैं। गरीब व्यक्ति से यह शुल्क भी नहीं लिया जाता। संस्था के पास इंदौर, भोपाल, रतलाम आदि शहरों में इसकी ब्रांच खोली गई है। माणक रतन भंडारी चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से यह उपकरण बैंक रेस कोर्स रोड पर खोली गई है। यही नहीं, 24 घंटे यह सेवा दी जाती है।

हर माह दो सौ लोग पहुंचते हैं मदद के लिए

माह में दौ सौ लोग इसकी सहायता से अपने परिजनों की सेवा कर पा रहे हैं। पूरे साल लगभग दस से 12 हजार लोग इसका लाभ लेते हैं। वहीं अन्य जगहों को मिलाकर यह संख्या और अधिक है।

एमवाय और दूसरे अस्पतालों से मिलती है जानकारी

एमवाय व जिला अस्पताल सहित शहर के प्राइवेट अस्पतालों में मध्यम वर्ग व गरीब परिवारों के कई मरीज भर्ती होते हैं। एक्सीडेंट के बाद प्लास्टर चढ़ने, ऑपरेशन होने, बुजुर्ग लोग या अंतिम स्टेज के भी मरीज होते हैं। घर पर सेवा के लिए उपकरण खरीदने की क्षमता नहीं होती। क्योंकि ये उपकरण पांच हजार से 20 हजार रुपए तक बाजार में मिलते हैं। ऐसे में अस्पताल से ही उन्हें संस्था की मदद से उपकरण लेने सुझाव दिया जाता है, जिससे उनकी मदद हो जाती है।

15 प्रतिशत उपकरण मिले दान में

संस्था अपनी राशि से उपकरण हर जगह खरीदती है। लेकिन वे लोग जो अपने परिजनों की सेवा के लिए ऐसे उपकरण खरीदते हैं। वे लोग संस्था में आकर इन्हें दान देते हैं। जिससे आने वाले लोगों की मदद की जा सके। लगभग 15 प्रतिशत उपकरण इसी तरह से शहर के लोगों ने दान में दिए हैं।

सेवा ही उद्देश्य

बैंक को खोला गया था। पहले लोगों को जानकारी भी नहीं थी। अब हर माह कई लोग आते हैं। जिन्हें आवश्यकता अनुसार उपकरण उपलब्ध कराते हैं। कई लोग लेने के बाद जरूरत पूरी होने पर वापस नहीं करते। ऐसे में एक रुपए मात्र का शुल्क रखा गया है, ताकि उसका उपयोग होने पर वे वापस लौटा दिया जाए।
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