तकनीकी समाधान से हमारा जीवन आसान बना रहे वैज्ञानिक: PM नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रोफेसर एस.एन. बोस की 125वीं जयंती पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए एक कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने बताया कि चाहे वो खेल का क्षेत्र हो, साहित्य का या फिर आजादी की लड़ाई की बात हो बंगाल इन सभी कामों में सबसे आगे रहा है.

पीएम मोदी ने बोले कि हमारे देश में हमारे वैज्ञानिक तकनीकी समाधान देकर लोगों के जीवन को आसान बनाते रहेंगे. जो भी व्यक्ति विज्ञान और टेक्नोलॉजी से जुड़ा है, वह एक प्रकार से न्यू इंडिया की नींव रख रहा है.

मोदी ने कहा, युवाओं के बीच विज्ञान की समझ और उसके प्रति प्रेम बढ़ाने के लिए, यह महत्वपूर्ण है कि हम विज्ञान से जुड़े संवाद को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करें. इस संबंध में भाषा को अवरोधक नहीं, बल्कि इसे बढ़ावा देने वाला बनना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों से कहा कि वह अपने मूल ज्ञान का प्रयोग जनता की रोजमर्रा की जिन्दगी को बेहतर बनाने के लिए करें. उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में यह महत्वपूर्ण है कि किसी भी अध्ययन के परिणाम को उसके माध्यम से गरीबों के जीवन पर पड़े अच्छे प्रभाव के आधार पर आंका जाए.  

आपको बता दें कि नए साल के मौके पर प्रधानमंत्री ने सभी को ट्विटर के जरिए बधाई दी. इस मौके पर पीएम मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं.

कौन थे बोस?

आपको बता दें कि प्रोफेसर सत्येन्द्र नाथ बोस भारतीय भौतिक-शास्त्री थे. वे परिमाण तकनीक पर अपने कार्य के लिए जाने जाते रहे हैं. वे बोस-आइन्स्टाइन सांख्यिकी के जनक रहे. सत्येन्द्र नाथ बोस ने ही छोटे से छोटे कणों की अवधारणा को माना था और इसी आधार पर प्रोफेसर बोस के बाद इन्हें ;बोसोन्स’ का नाम दिया गया. बोस का जन्म एक जनवरी, 1894 को कोलकाता में हुआ था और उनका निधन चार फरवरी, 1974 को हुआ.

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