दफन होने के 11 दिन बाद चला पता, वो तो जिंदा थी

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नई दिल्ली। चिकित्सकीय लापरवाही, दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन अब दुनिया का कोई भी हिस्सा इससे अछूता नहीं है। जिस तरह से मेडिकल प्रोफेसन का व्यवसायीकरण हो चुका है उसमें डॉक्टरों को मरीजों या उनके तीमारदारों से संवेदना नाम की चीज नहीं रह गई है। डॉक्टर कभी गंभीर बीमारी की पहचान करने में गड़बड़ी करते हैं तो कभी गलत दवा देते हैं। कुछ इसी तरह का वाक्या ब्राजील की रहने वाली 37 वर्षीय रॉसएंजेला अल्मीडा के साथ हुआ। थकावट की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक हफ्ते भर्ती रहने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया और शव को परिवार को सौंप दिया।

रॉसएंजेला अल्मीडा की डेथ सर्टिफिकेट के मुताबिक उन्हें पहले दिल का दौरा पड़ा और बाद में सेप्टिक शॉक की वजह से 28 जनवरी 2018 को मौत हो गई। परिवार ने उन्हें अगले दिन यानि 29 जनवरी 2018 को दफ्न कर दिया। लेकिन 9 फरवरी 2018 को कब्रिस्तान के आस पास रहने वालों को कब्र से आने वाली आवाज ने हैरत में डाल दिया। लोगों ने तुरंत अल्मीडा के परिवार को जानकारी दी, कब्र में से उन्हें निकाला गया लेकिन अफसोस की वो जिंदा नहीं थी। इससे संबंधित वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग एंबुलेंस के लिए चिल्ला रहे हैं। 

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ताबूत को जब ध्यान से देखा गया तो अल्मीडा के संघर्ष की कहानी साफ नजर आ रही थी। ताबूत की दावारों पर नाखून के निशान के साथ फर्श पर खून फैला हुआ था। अल्मीडा ने अंतिम सांस तक मौत से संघर्ष करती रही ।लेकिन अल्मीडा के परिवार का कहना है कि वो किसी को इसके लिए दोष नहीं देते हैं यहां तक कि वो डॉक्टर भी कसूरवार नहीं है जो अल्मीडा का इलाज कर रहा था। वो लोग नहीं चाहते हैं कि किसी को परेशानी का सामना करना पड़े। उन्हें लगता है कि अल्मीडा को एक छोटी सी भूल की वजह से मृत घोषित कर दिया गया था।

पुलिस इस संबंध में परिवार और पड़ोसियों से बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। पुलिस इस घटना की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस संबंझ आरोपी अस्पताल प्रशासन पुलिस को पूरी मदद कर रहा है। कब्रिस्तान के पास रहने वाले एक शख्स का कहना है कि उन्हें कब्र के पास खेल रहे बच्चों ने बताया कि कुछ आवाज आ रही है पहले वो मजाक समझे। लेकिन कब्र के करीब पहुंचने के बाद पता चला कि बच्चे झूठ नहीं बोल रहे थे। वो आनन फानन में मदद के लिए लोगों को पुकारते रहे। लेकिन सबकुछ खत्म हो चुका था। 

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