6 खाड़ी देशों के साथ भारत जल्द ही पक्का कर सकता है फ्री ट्रेड पैक्ट

भारत और मिडिल ईस्ट देशों के छह देशों के ग्रुप गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने गुरुवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत शुरू करने के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर साइन किए।

टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) एक प्रस्तावित ट्रेड पैक्ट के दायरे और तरीकों की रूपरेखा बताते हैं। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में ये हस्ताक्षर किए गए। जीसीसी खाड़ी क्षेत्र के छह देशों का एक यूनियन है, जिसमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं।

पीयूष गोयल ने क्या कहा?

गोयल ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने में मदद करेगा। उन्होंने बताया, “ये दोनों ट्रेडिंग पार्टनर 5,000 से ज्यादा सालों से एक-दूसरे के साथ व्यापार कर रहे हैं।”

उन्होंने बताया कि करीब 10 मिलियन भारतीय जीसीसी क्षेत्र में रह रहे हैं और काम कर रहे हैं। गोयल ने कहा, “यह बहुत सही है कि अब हम एक ज्यादा मजबूत और ठोस ट्रेडिंग एग्रीमेंट करें, जिससे सामान और सेवाओं का ज्यादा मुक्त प्रवाह हो सके, नीति में अनुमान और स्थिरता आए और ज्यादा इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिले।”

पीयूष गोयल ने गिनाए फायदे

उन्होंने कहा कि यह समझौता जीसीसी देशों के साथ-साथ भारत की खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा को भी बढ़ावा देगा। जहां भारत दुनिया में अनाज का एक बड़ा उत्पादक है, वहीं जीसीसी देश तेल और गैस के निर्यातक हैं।

गोयल ने कहा, “हमें भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और जीसीसी में इंफ्रास्ट्रक्चर को एक साथ बढ़ाने के लिए भी मौका मिलेगा। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काम करने वाली हाई-क्वालिटी कंपनियों का साथ भी मिलेगा। इस पार्टनरशिप से हमारी पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री को बहुत फायदा होगा।”

38 देशों के साथ 9 ट्रेड पैक्ट

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि भारत की इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कंपनियों को लगातार बढ़ते जीसीसी मार्केट में मौके मिलेंगे। भारत ने मई 2022 में पहले ही यूएई के साथ एक फ्री ट्रेड पैक्ट लागू कर दिया है। गोयल ने कहा कि सरकार ने पिछले कुछ सालों में 38 विकसित देशों के साथ नौ ट्रेड पैक्ट फाइनल किए हैं।

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