
गांव सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर में सरकारी जमीन पर निर्माण की गई मस्जिद और मदरसे को मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है। शनिवार की सुबह से ही दीवारों को हटाने के लिए कई ग्रामीण लग गए थे। शाम तक बाउंड्री और अंदर के हिस्से से कुछ गेट निकाले गए हैं। हालांकि मस्जिद कमेटी ने डीएम कोर्ट में अपील की है जिस पर सुनवाई होना बाकी है। शनिवार को अवकाश के चलते सुनवाई नहीं हुई।
गांव सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर निवासी मस्जिद के मुतवल्ली हाजी शमीम पर आरोप है कि उन्होंने करीब पौने चार बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मस्जिद और मदरसे का निर्माण किया है। पहले मदरसे का निर्माण किया गया था और बाद में करीब 10 वर्ष पहले मस्जिद का निर्माण कर लिया गया। शिकायत के बाद 14 जून 2018 को सरकारी जमीन पर मस्जिद व मदरसा निर्माण किए जाने की आख्या दी गई थी। जिसके आधार पर मामला तहसीलदार न्यायालय में चला।
साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर सरकारी जमीन पर निर्माण की पुष्टि 2 सितंबर 2025 को हुई थी। इसके चलते ही न्यायालय की ओर से मुतवल्ली पर 7.78 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और मस्जिद और मदरसे का निर्माण कर जो सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है उसको हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद भी यह निर्माण नहीं हटाए गए तो प्रशासन की टीम ने 3 जनवरी यानि शनिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि अवकाश के चलते तय समय को बढ़ा दिया गया है लेकिन अब मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद ही मस्जिद और मदरसे को तोड़ना शुरू कर दिया है।
मल्लक शाह कब्रिस्तान पर अवैध कब्जे की शिकायत, कब्जा मुक्त कराने की मांग
संभल शहर के शंकर चौराहे के नजदीक स्थित मल्लक शाह बाबा के कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण करने का आरोप लगाया है। प्रशासनिक अधिकारियों से कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। मोहल्ला चमन सराय निवासी मोहम्मद असलम द्वारा यह शिकायत की गई है। इसमें कहा है कि कब्रिस्तान के दस्तावेज में कोई निर्माण दर्ज नहीं है लेकिन वर्तमान में कई निर्माण हो रहे हैं। लगातार कब्जा बढ़ता जा रहा है। मांग की है कि जांच कराकर कब्जा मुक्त किया जाए।