डॉक्टर के हाईप्रोफाइल कनेक्शन से पुलिस अफसर दंग

- in छत्तीसगढ़, प्रदेश

राजधानी रायपुर में चार नवजात शिशुओं को बेचने वाली कथित डॉक्टर शानू मसीह के हाईप्रोफाइल कनेक्शन ने पुलिस अफसर हैरान हैं। भाजपा, कांग्रेस से जुड़े नेताओं और छालीवुड-बॉलीवुड के नामचीन लोगों के साथ सोशल मीडिया में शानू की फोटो देखकर यह अंदाजा पुलिस ने लगा लिया है कि उसके संपर्क ऊपर तक हैं।राजधानी रायपुर में चार नवजात शिशुओं को बेचने वाली कथित डॉक्टर शानू मसीह के हाईप्रोफाइल कनेक्शन ने पुलिस अफसर हैरान हैं। भाजपा, कांग्रेस से जुड़े नेताओं और छालीवुड-बॉलीवुड के नामचीन लोगों के साथ सोशल मीडिया में शानू की फोटो देखकर यह अंदाजा पुलिस ने लगा लिया है कि उसके संपर्क ऊपर तक हैं।  अफसरों का दावा है कि गिरोह से जुड़े कुछ और नाम सामने आए हैं। एक--दो दिनों में साफ होगा कि शानू मसीह, नर्स और महिला दलाल अनुचित वाडेकर, समाज सेविका की आड़ में बच्चा बेचने का सौदा करने वाली आभा मुदलियार तथा लीली शांति पन्ना के साथ और कितने लोग जुड़े हैं। इस गिरोह में राजनीतिक हस्ती के शामिल होने की संभावना बढ़ गई है।  पुलिस सूत्रों ने बताया कि बिना एमबीबीएस डिग्री हासिल किए शानू ने हटरी बाजार में ब्लेस चिकित्सालय खोला। चिकित्सालय के बोर्ड पर अपने आप को एमबीबीएस, एमडी बताते हुए एमसीआइ से रजिस्टर्ड आरएसएस से जुड़े एक डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा था। जबकि शानू का न तो मेडिकल काउंसिल में पंजीयन है और न ही नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीयन है।  जानकारों ने बताया कि मेडिकल काउंसिल की ओर से एक नंबर एक ही व्यक्ति को दिया जाता है, जिसका कोई दूसरा इस्तेमाल नहीं कर सकता। ऐसा करना अपराध है। इस मामले में शानू मसीह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया जा सकता है।  अंबिकापुर, गरियाबंद और ओडिशा में बेचे गए बच्चे  पुलिस अफसरों के मुताबिक डॉ. शानू मसीह से पूछताछ में कई राजफाश हुए हैं। उसने बताया कि इससे पहले भी वह ओडिशा में चार बच्चे बेच चुकी है। तीन बच्चे अंबिकापुर, गरियाबंद और ओडिशा में बेचे गए हैं। पुलिस ने तीनों बच्चों को खरीदने वालों के नाम-पते लेकर जानकारी लेने संबंधित स्थान पर रवाना हो गई है।  विभाग को सौंपा नवजात  जांच के दौरान राजनांदगांव की दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग के सात दिन के नवजात बच्चे को पुलिस ने बरामद करने के बाद शुक्रवार को बाल कल्याण विभाग को सौंप दिया। फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल करने की बात सामने आई है, इस बिंदु को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

अफसरों का दावा है कि गिरोह से जुड़े कुछ और नाम सामने आए हैं। एक–दो दिनों में साफ होगा कि शानू मसीह, नर्स और महिला दलाल अनुचित वाडेकर, समाज सेविका की आड़ में बच्चा बेचने का सौदा करने वाली आभा मुदलियार तथा लीली शांति पन्ना के साथ और कितने लोग जुड़े हैं। इस गिरोह में राजनीतिक हस्ती के शामिल होने की संभावना बढ़ गई है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि बिना एमबीबीएस डिग्री हासिल किए शानू ने हटरी बाजार में ब्लेस चिकित्सालय खोला। चिकित्सालय के बोर्ड पर अपने आप को एमबीबीएस, एमडी बताते हुए एमसीआइ से रजिस्टर्ड आरएसएस से जुड़े एक डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा था। जबकि शानू का न तो मेडिकल काउंसिल में पंजीयन है और न ही नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीयन है।

जानकारों ने बताया कि मेडिकल काउंसिल की ओर से एक नंबर एक ही व्यक्ति को दिया जाता है, जिसका कोई दूसरा इस्तेमाल नहीं कर सकता। ऐसा करना अपराध है। इस मामले में शानू मसीह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया जा सकता है।

अंबिकापुर, गरियाबंद और ओडिशा में बेचे गए बच्चे

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पुलिस अफसरों के मुताबिक डॉ. शानू मसीह से पूछताछ में कई राजफाश हुए हैं। उसने बताया कि इससे पहले भी वह ओडिशा में चार बच्चे बेच चुकी है। तीन बच्चे अंबिकापुर, गरियाबंद और ओडिशा में बेचे गए हैं। पुलिस ने तीनों बच्चों को खरीदने वालों के नाम-पते लेकर जानकारी लेने संबंधित स्थान पर रवाना हो गई है।

विभाग को सौंपा नवजात

जांच के दौरान राजनांदगांव की दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग के सात दिन के नवजात बच्चे को पुलिस ने बरामद करने के बाद शुक्रवार को बाल कल्याण विभाग को सौंप दिया। फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल करने की बात सामने आई है, इस बिंदु को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

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