एनकाउंटर के बाद पुलिस के समर्थन में उतरे दर्जनों मुफ्ती

अलीगढ़ में गुरूवार को साधुओं की हत्या करने वाले दो बदमाशों को एनकाउंटर में ढेर करने पर पुलिस को पूर्व विधायक ने सवालों के कठघरा में खड़ा कर दिया था। इतना ही नहीं आरोप लगने लगे थे कि मुसलमान के नाम पर दो निर्दोष युवकों का पुलिस ने फर्जीएनकाउंटर कर दिया है। इसी बीच कुछ मुस्लिम समाज के लोगो ने पत्रकारवार्ता कर आरोप लगाने वाले लोगों के मुंह बंद कर दिए।  पुलिस के समर्थन में उतरे दर्जनों मुफ्ती

वीओ–एटा से आए सराफत हुसैन उर्फ काले में पत्रकारों से कहा कि हत्या करने वाला मुसलमान नहीं शैतान होता है। एटा में मुफ्ती की हत्या कर गबाहों को फंसाने के लिए साबिर ने अलीगढ में क्रमवार साधुओं की हत्या कर डाली। अलीगढ-एटा पुलिस ने निष्पक्ष विवेचना के साथ इस हत्याकांड का सही खुलासा किया। जबकि इन हत्याकांड के मास्टर माइंड साबिर ने काले और अन्य लोगों को फंसाने का पूरा प्रयास कर लिया था।

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मृत साधुओं के मोबाइल से उनके नंबरों पर फोन किया गया। एक के बाद एक फोन आने पर दाल में कुछ काला लगा तो एटा एसएसपी से मिलकर अज्ञात के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया। अलीगढ पुलिस ने इन हत्याकांडों का सही खुलासा किया है। जिन्हें मुफ्तियों की एक श्रृंखला साहित सैकड़ों मुस्लिम सम्मानित करने जाएंगे। पूर्व विधायक जमीर उल्लाह द्वारा लगाए गए आरोपों के सवाल पर वहां बैठे मुफ्तियों ने कहा कि जब साधुओं की हत्या हो रही थी तो जमीरउल्लाह कहां चले गए थे। किसी की मौत पर वह सियासत न करें। पुलिस ने अच्छा काम किया है, उन्हें सम्मानित करें। जो व्यक्ति हत्या करता है वह हिंदू-मुस्लिम नहीं होता। जबकि साबिर ने तो शहर मुफ्ती की हत्या से लेकर साधुओं की भी हत्या कराई है। जिन बदमाशों का एनकाउंटर हुआ

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