लाठीचार्ज केस : जांच रिपोर्ट के लिए तीन महीने का दिया समय

- in छत्तीसगढ़, प्रदेश

कांग्रेस भवन में घुसकर नेता व कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने और लाठीचार्ज के साये में कांग्रेस की पहली प्रदेश कार्यकारिणी बिलासपुर में गुरुवार को होगी। इसके लिए गुजराती समाज भवन को तय किया गया है। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल दिल्ली से आने के बाद बिलासपुर के लिए सीधे रवाना हो गये।कांग्रेस भवन में घुसकर नेता व कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने और लाठीचार्ज के साये में कांग्रेस की पहली प्रदेश कार्यकारिणी बिलासपुर में गुरुवार को होगी। इसके लिए गुजराती समाज भवन को तय किया गया है। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल दिल्ली से आने के बाद बिलासपुर के लिए सीधे रवाना हो गये।  ADVERTISING  inRead invented by Teads उधर, मुख्यमंत्री की जांच की घोषणा के पांच घंटे के भीतर कलेक्टर पी. दयानंद ने अपर कलेक्टर बीएस उइके को जांच अधिकारी नियुक्ति किया है। उइके ने जांच के लिए बिंदु तय करने और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।   VIDEO : यहां पत्थर से आती है बर्तन जैसी आवाज, हजारों सालों से बना है रहस्य व कौतूहल यह भी पढ़ें  इसे राजनीतिक हत्या जैसे साजिश कहना ठीक नहीं: सीएम  मुख्यमंत्री डा रमन सिंह ने कहा कि बिलासपुर कलेक्टर को आगे की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। सीएम ने कहा कि मंत्री के घर की बाउंड्रीवाल को 20-25 लोग लांघ गए और कचरा फेंक दिया, यह कदापि उचित नहीं है।   CG: वन मंत्री को मारने की साजिश रच रहे नक्सली, खुफिया इनपुट से फोर्स चिंतित यह भी पढ़ें  वहीं किसी के कार्यालय में घुसकर मारपीट किया जाना भी गलत है। उत्तेजना की वजह से ऐसी स्थिति निर्मित हुई। इसे राजनीतिक हत्या जैसी साजिश नहीं कहा जा सकता। मैंने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं।

उधर, मुख्यमंत्री की जांच की घोषणा के पांच घंटे के भीतर कलेक्टर पी. दयानंद ने अपर कलेक्टर बीएस उइके को जांच अधिकारी नियुक्ति किया है। उइके ने जांच के लिए बिंदु तय करने और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

इसे राजनीतिक हत्या जैसे साजिश कहना ठीक नहीं: सीएम

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मुख्यमंत्री डा रमन सिंह ने कहा कि बिलासपुर कलेक्टर को आगे की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। सीएम ने कहा कि मंत्री के घर की बाउंड्रीवाल को 20-25 लोग लांघ गए और कचरा फेंक दिया, यह कदापि उचित नहीं है।

वहीं किसी के कार्यालय में घुसकर मारपीट किया जाना भी गलत है। उत्तेजना की वजह से ऐसी स्थिति निर्मित हुई। इसे राजनीतिक हत्या जैसी साजिश नहीं कहा जा सकता। मैंने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं।

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