एक बार फि‍र भड़के सरयू राय, न‍िश‍िकांत दूबे को पैर धुलवाने पर दी नसीहत

- in झारखण्ड, प्रदेश

झारखंड की रघुवर सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने एक बार फ‍िर अपनी ही पार्टी भाजपा के सांसद के व्‍यवहार पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने सार्वज‍न‍िक तौर पर गुणगान से बचने की सीख देते हुए इशारे मेें कहा क‍ि चापलूसी से गलत संस्‍कार को बढ़ावा म‍िलता है। माना जा रहा है क‍ि बीते द‍िन एक पुल के श‍िलान्‍यास के मौके पर गोड्डा के सांसद न‍िश‍िकांत दूबे का पैर एक कार्यकर्ता द्वारा धोने और फ‍िर उस पानी को पी जाने को लेकर यह कमेंंट  क‍िया है।झारखंड की रघुवर सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने एक बार फ‍िर अपनी ही पार्टी भाजपा के सांसद के व्‍यवहार पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने सार्वज‍न‍िक तौर पर गुणगान से बचने की सीख देते हुए इशारे मेें कहा क‍ि चापलूसी से गलत संस्‍कार को बढ़ावा म‍िलता है। माना जा रहा है क‍ि बीते द‍िन एक पुल के श‍िलान्‍यास के मौके पर गोड्डा के सांसद न‍िश‍िकांत दूबे का पैर एक कार्यकर्ता द्वारा धोने और फ‍िर उस पानी को पी जाने को लेकर यह कमेंंट  क‍िया है।  @roysaryu के हैंडल से क‍िए गए ट्वीट में बड़बोलेे भाजपा सांसद न‍िश‍िकांत दूबे को आईना द‍िखाते हुुुए नसीहत दी गई है क‍ि प्रशंसा और चापलूसी के बीच महीन अंतर है। सार्वजनिक अभिव्यक्ति के समय इसका ध्यान नही रखनेवाले हंसी का पात्र बनते हैं, अपनी पद-प्रतिष्ठा धूमिल करते हैं। लाभ, लोभ, भय, आतंक के कारण हुई चापलूसी वाले लमहे समाज और संगठन मे गलत संस्कार डालते हैंं। जिसका कुपरिणाम पीढि़यों को भुगतना पड़ता है।      बता दें क‍ि झारखंड के गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार को कलाली कन्हवारा पुल का शिलान्यास किया। शिलान्यास कार्यक्रम में जब सांसद पहुंचे तो पार्टी कार्यकर्ता पवन साह ने उनका न सिर्फ सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में पैर धोकर स्वागत किया, बल्कि चरणामृत मानकर उस पानी को पी भी लिया। सांसद ने इस तस्वीर को अपने फेसबुक पेज पर शेयर करते हुए कार्यकर्ता की महानता की तारीफ कर दी। हालांकि जब इस तस्वीर पर लोगों की टिप्पणियां आनी शुरू हुईं, तो उन्होंने पैर धोने की आदिवासियों की पुरानी परंपरा कह अपना बचाव किया।  सांसद की तस्वीर पर मचा था बवाल पवन साह की यह तस्वीर जब वायरल हुई तो बवाल मच गया। कई भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि पवन कार्यक्रम के दौरान पैर धोने की जिद करने लगा। सांसद ने उसे मना किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। इसके बाद सांसद अपनी कुर्सी से उठे। पवन साह ने उनका पैर धोया और मंच पर ही उसे पी गया। इसके बाद सांसद ने इस फोटो को अपने फेसबुक पेज पर भी झारखंड की रघुवर सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने एक बार फ‍िर अपनी ही पार्टी भाजपा के सांसद के व्‍यवहार पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने सार्वज‍न‍िक तौर पर गुणगान से बचने की सीख देते हुए इशारे मेें कहा क‍ि चापलूसी से गलत संस्‍कार को बढ़ावा म‍िलता है। माना जा रहा है क‍ि बीते द‍िन एक पुल के श‍िलान्‍यास के मौके पर गोड्डा के सांसद न‍िश‍िकांत दूबे का पैर एक कार्यकर्ता द्वारा धोने और फ‍िर उस पानी को पी जाने को लेकर यह कमेंंट  क‍िया है।  @roysaryu के हैंडल से क‍िए गए ट्वीट में बड़बोलेे भाजपा सांसद न‍िश‍िकांत दूबे को आईना द‍िखाते हुुुए नसीहत दी गई है क‍ि प्रशंसा और चापलूसी के बीच महीन अंतर है। सार्वजनिक अभिव्यक्ति के समय इसका ध्यान नही रखनेवाले हंसी का पात्र बनते हैं, अपनी पद-प्रतिष्ठा धूमिल करते हैं। लाभ, लोभ, भय, आतंक के कारण हुई चापलूसी वाले लमहे समाज और संगठन मे गलत संस्कार डालते हैंं। जिसका कुपरिणाम पीढि़यों को भुगतना पड़ता है।      बता दें क‍ि झारखंड के गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार को कलाली कन्हवारा पुल का शिलान्यास किया। शिलान्यास कार्यक्रम में जब सांसद पहुंचे तो पार्टी कार्यकर्ता पवन साह ने उनका न सिर्फ सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में पैर धोकर स्वागत किया, बल्कि चरणामृत मानकर उस पानी को पी भी लिया। सांसद ने इस तस्वीर को अपने फेसबुक पेज पर शेयर करते हुए कार्यकर्ता की महानता की तारीफ कर दी। हालांकि जब इस तस्वीर पर लोगों की टिप्पणियां आनी शुरू हुईं, तो उन्होंने पैर धोने की आदिवासियों की पुरानी परंपरा कह अपना बचाव किया।  सांसद की तस्वीर पर मचा था बवाल पवन साह की यह तस्वीर जब वायरल हुई तो बवाल मच गया। कई भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि पवन कार्यक्रम के दौरान पैर धोने की जिद करने लगा। सांसद ने उसे मना किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। इसके बाद सांसद अपनी कुर्सी से उठे। पवन साह ने उनका पैर धोया और मंच पर ही उसे पी गया। इसके बाद सांसद ने इस फोटो को अपने फेसबुक पेज पर भी अपलोड कर दिया।अपलोड कर दिया।

@roysaryu के हैंडल से क‍िए गए ट्वीट में बड़बोलेे भाजपा सांसद न‍िश‍िकांत दूबे को आईना द‍िखाते हुुुए नसीहत दी गई है क‍ि प्रशंसा और चापलूसी के बीच महीन अंतर है। सार्वजनिक अभिव्यक्ति के समय इसका ध्यान नही रखनेवाले हंसी का पात्र बनते हैं, अपनी पद-प्रतिष्ठा धूमिल करते हैं। लाभ, लोभ, भय, आतंक के कारण हुई चापलूसी वाले लमहे समाज और संगठन मे गलत संस्कार डालते हैंं। जिसका कुपरिणाम पीढि़यों को भुगतना पड़ता है।  

बता दें क‍ि झारखंड के गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार को कलाली कन्हवारा पुल का शिलान्यास किया। शिलान्यास कार्यक्रम में जब सांसद पहुंचे तो पार्टी कार्यकर्ता पवन साह ने उनका न सिर्फ सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में पैर धोकर स्वागत किया, बल्कि चरणामृत मानकर उस पानी को पी भी लिया। सांसद ने इस तस्वीर को अपने फेसबुक पेज पर शेयर करते हुए कार्यकर्ता की महानता की तारीफ कर दी। हालांकि जब इस तस्वीर पर लोगों की टिप्पणियां आनी शुरू हुईं, तो उन्होंने पैर धोने की आदिवासियों की पुरानी परंपरा कह अपना बचाव किया।

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सांसद की तस्वीर पर मचा था बवाल
पवन साह की यह तस्वीर जब वायरल हुई तो बवाल मच गया। कई भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि पवन कार्यक्रम के दौरान पैर धोने की जिद करने लगा। सांसद ने उसे मना किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। इसके बाद सांसद अपनी कुर्सी से उठे। पवन साह ने उनका पैर धोया और मंच पर ही उसे पी गया। इसके बाद सांसद ने इस फोटो को अपने फेसबुक पेज पर भी अपलोड कर दिया।

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