अयोध्या में राम मंदिर के लिए एक बार फिर निकली रथ यात्रा, 6 राज्यों से होकर गुजरेगी

लखनऊ. भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी द्वारा 1990 के दशक में अयोध्या में राम मंदिर के लिए निकाली गई रथ यात्रा के 28 साल बाद एक बार फिर ऐसी ही रथ यात्रा निकाली जा रही है. महाराष्ट्र के संगठन श्री राम दास मिशन यूनिवर्सल सोसायटी ने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के सहयोग से अयोध्या से रामेश्वरम (तमिलनाडु) तक की रथ यात्रा निकालने का फैसला किया है.

यह यात्रा मंगलवार को शुरू हो रही है. इस रथ यात्रा का मकसद भी अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण करवाना है. अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के वर्कशॉप स्थल कारसेवकपुरम में महाशिवरात्रि (13 फरवरी) से इस रथ यात्रा की शुरुआत हो रही है. यह यात्रा 25 मार्च को रामनवमी के दिन संपन्न होगी. रथ यात्रा के जरिए केंद्र सरकार को राम मंदिर को प्रमुखता से पूरा करने के लिए 14 महीने की समयसीमा देते हुए 5 सूत्री मांगें भी दी जाएगीं. 

25 लाख रुपये की कीमत का जो रथ इस यात्रा के लिए इस्तेमाल होगा उसका निर्माण 4 महीने में महाराष्ट्र में किया गया है. इसमें लकड़ी का इस्तेमाल तो है ही, साथ ही दक्षिण भारतीय मसालों से एक खास किस्म का प्लास्टर मिक्स तैयार किया गया जिसका इस्तेमाल इसके 28 स्तंभों की नक्काशी में किया गया.

’14 महीने में बनकर तैयार हो राम मंदिर’

श्री राम दास मिशन यूनिवर्सल सोसायटी के राष्ट्रीय महासचिव श्रीशक्ति शांतनानंद महर्षि ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि हम देश में राम राज्य चाहते हैं. सरकार को राम मंदिर का निर्माण 14 महीने में कराना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमने कुछ महीने पहले सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी जो खुद भी एक योगी हैं.

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उन्होंने हमें आश्वासन दिया था कि वह इस रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए आएंगे. अयोध्या में रथ यात्रा का कार्यक्रम बेहद व्यस्त है. दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक इसका उद्घाटन समारोह है जिसमें ऋषियों से मुलाकात भी शामिल है. इसके बाद रथ की शोभायात्रा निकाली जाएगी जो शाम 4 बजे से शाम 6 बजे तक अयोध्या के ही कारसेवकपुरम से निकलेगी. इसके बाद यात्रा शाम को नंदीग्राम के लिए निकलेगी. संगठन के महासचिव भीमसिंह ने बताया कि यहां एक रात के विश्राम के बाद रथ यात्रा वाराणसी और फिर प्रयाग के लिए निकलेगी.

इसके बाद रथ यात्रा चित्रकूट, उज्जैन, नासिक, बदलापुर, बेंगलुरु जाएगी और फिर रामेश्वरम में इसका समापन होगा. इसके बाद रथ को तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) में ही संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय में सुरक्षित रख लिया जाएगा. इसके बाद 2019 में इसे वापस अयोध्या लाया जाएगा. वीएचपी के अवध जोन के संयोजक शरद शर्मा ने कहा कि वीएचपी समर्थक भी रथ यात्रा में शामिल रहेंगे हालांकि वीएचपी का बैनर इसमें कहीं दिखाई नहीं देगा.

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