शुरुआती कारोबार में गिरावट के बाद 400 अंक से अधिक चढ़ा सेंसेक्स, RIL के शेयरों में इतनी फीसद से अधिक की तेजी

नई दिल्ली, पिछले सप्ताह शेयर मार्केट में चली रही गिरावट इस सप्ताह में भी जारी है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी कि सोमवार को शेयर बाजार एक बार फिर से कमजोर नोट पर खुला। BSE वेबसाइट से मिले आंकड़ों के मुताबिक, सुबह के अपने शुरुआती कारोबार में BSE का मेन इंडेक्स सेंसेक्स 672.94 यानी कि, 1.18 फीसद की तेजी के साथ 56,434.21 अंक पर ट्रेड कर रहा था। BSE के साथ साथ सोमवार को NSE में भी गिरावट देखने को मिली। NSE की वेबसाइट से मिले आंकड़ों के अनुसार सोमवार को NSE का मेन इंडेक्स निफ्टी अपने शुरुआती कारोबार में 207.55 अंक यानी कि, 1.22 फीसद की गिरावट के साथ 16,818.90 अंक पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में गिरावट से उबरते हुए कुछ देर बाद ही सेंसेक्स में बढ़त देखने को मिली। सुबह 11 बजकर 37 मिनट पर सेंसेक्स 466.08 अंक की तेजी के साथ 57,522.43 अंक पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान की रिलायंस, डॉ. रेड्डी, टीसीएस, बजाज फाइनेंस और टाटा स्टील के शेयर हरे निशान के साथ कारोबार कर रहे थे।

शेयर मार्केट में चल रही मौजूदा गिरावट को लेकर सीएनआइ रिसर्च के सीएमडी किशोर पी ओस्‍तवाल ने अपने राय जाहिर करते हुए इसकी कुछ प्रमुख वजहें गिनाई हैं। ओस्तवाल के मुताबिक, “रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी कि, आरएसआई 81 प्वाइंट से गिरकर 31 प्वाइंट पर आ गया है, वहीं बैंक निफ्टी आरएसआई 26.6 प्वाइंट पर है, जिसका मतलब होता है इसमें ओवरसोल्ड की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा प्राइस टू अर्निंग रेशियो(पी ई) भी 28.7 से घटकर 23.36 प्वाइंट पर आ गया है। एक साल आगे का पी ई भी 18 प्वाइंट से कम पर है। साथ ही वित्त वर्ष 2022 के लिए अर्निंग 40-42 फीसद ज्यादा होगी। दक्षिण अफ्रीका में कोविड के नए संस्करण का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अगर कोरोना वायरस के नए संस्करण का प्रसार होता है तो, क्यूई भी बढ़ेगी। एचएनआई द्वारा ताजा लॉन्ग के कारण ओपन इंट्रेस्‍ट 15 फीसद तक कम हो गया है अन्यथा यह 50 फीसद से नीचे हो सकता था। चीन का बाजार सिकुड़ रहा है। एफपीआई की बिकवाली के आंकड़े भी भ्रामक हैं। बी ग्रेड शेयर जहां एफपीआई मौजूद नहीं हैं, ग्रोथ दिखा रहे हैं जो बुल मार्केट के जारी रहने का संकेत देते हैं। अदानी का बाजार पूंजीकरण 13 अरब डॉलर गिरा है”

शेयर इंडिया के हेड ऑफ रिसर्ज डॉ. रवि सिंह के मुताबिक, “स्टोकेस्टिक, एमएसीडी, आरएसआई और एमए जैसे सभी गति संकेतक इंट्राडे और दैनिक चार्ट पर कमजोरी दिखा रहे हैं। एफआईआई की बिकवाली, नए कोविड संस्करण के डर और आर्थिक बाधाओं के कारण पिछले सप्ताह से पूरे शेयर मार्केट में गिरावट देखने को मिल रही है। केनरा बैंक में अस्थिरता देखने को मिल रही है और यह मुनाफावसूली क्षेत्र में कारोबार कर रहा है। एक अच्छे जोखिम और लाभ अनुपात के लिए निवेशक को 220 के लक्ष्य के लिए केनरा बैंक में 190 के स्तर के आसपास नई खरीदारी करनी चाहिए।”

 

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