अंडर 19 वर्ल्ड कप में इन 6 खिलाड़ियों ने भारत को बनाया विश्व विजेता…

आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत एक बार फिर विश्व विजेता बन गया है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में टीम इंडिया के सभी युवा खिलाड़ियों ने अपना बेहतर प्रदर्शन किया। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर रिकार्ड चौथी बार अंडर 19 विश्व कप जीत कर इतिहास रच दिया।

भारतीय गेंदबाजों ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए आस्ट्रेलिया को 216 रन पर आउट कर दिया। जवाब में भारत ने सिर्फ दो विकेट खोकर 38.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। दिल्ली के मनजोत कालरा ने 102 गेंद में नाबाद 101 रन बनाये जबकि कप्तान पृथ्वी शॉ और टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले शुभमान गिल आज जल्दी आउट हो गए थे। भारत ने चौथा खिताब जीतकर आस्ट्रेलिया को पछाड़ा जिसके नाम तीन खिताब हैं।  अब जब आज भारत अंडर 19 वर्ल्ड कप जीत कर विश्व विजेता बन गया है तो टीम के उन खिलाड़ियों को श्रेय देना नहीं भूलना चाहिए जिनके बलबूते भारत का नाम ऊंचा हुआ है।आइये आपको भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले इन छह खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं।

पंजाब के युवा खिलाड़ी शुभमन गिल ने पूरे श्रृंखला में बल्ले से कमाल दिखाया। दाएं हाथ के बल्लेबाज शुभमन फाइनल मैच में भले ही 31 रन बनाकर आउट हो गए हों। लेकिन इससे पहले उनके द्वारा खेली गई पारियों को भुलाया नहीं जा सकता है। भारत को नंबर एक अंडर-19 टीम बनाने में शुभमन गिल की मेहनत अहम है। शुभमन ने विश्वकप में खेले 6 मैच  की 5 पारी में 124 की औसत और 112 के स्ट्राइक रेट से 372 रन बनाए। टूर्नामेंट में उन्होंने 1 शतक और 3 अर्धशतक जड़ा। वह दो बार नॉट आउट रहे। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 102 रन रहा। यह पारी उन्होंने चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में खेली। अंडर-19 वर्ल्ड कप के खेले गए 5 मैचों में शुभमन का निम्नतम स्कोर 63 रहा। 

मनजोत कालरा भी पंजाब से आते हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज कालरा के बल्ले से पूरी श्रृंखला में बड़ी रन की पारियां देखने को नहीं मिलीं। लेकिन फाइनल में उन्होंने सभी को चौंका दिया। फाइनल में उन्होंने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए नाबाद 101 रन बनाएं। इस शानदार पारी की बदौलत वे टॉप-3 भारतीय बल्लेबाजों में भी शुमार हो गए हैं। कालरा ने 6 मैचों की पांच पारियों में 84.00 के औसत से 252 रन स्कोर किए।  घरेलू मैचों में कालरा के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें जुलाई 2017 में हुए अंडर19 भारत और इंग्लैंड सीरीज के लिए टीम में मौका मिला। इस सीरीज में उन्होंने 31 जुलाई 2017 को इंटरनेशनल स्तर पर डेब्यु किया। उनके बैटिंग प्रदर्शन के देखते हुए उन्हें इस साल के अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में चुना गया।

अंडर-16 टीम में विजय मर्चेंट ट्राफी में शुभमन ने नाबाद डबल सेंचुरी लगाकर शुरुआत की। विगत दो वर्षों से BCCI की तरफ से शुभमन गिल को बेस्ट जूनियर क्रिकेटर घोषित किया गया। अंडर-19 टीम में खेलते हुए शुभमन ने इंग्लैंड के खिलाफ वन डे मैच में 147 रन बनाये।दिसम्बर 2017 को अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप की टीम में शुभमन गिल वाईस कैप्टेन बनाये गए। दाहिने हाथ के बल्लेबाज शुभमन गिल ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार सेंचुरी ठोंकी और मैन ऑफ द मैच बने। 

भारतीय जूनियर टीम के कप्तान पृथ्वी शॉ का प्रदर्शन भले ही औसत रहा लेकिन उनके नेतृत्व में कहीं कोई कमी नहीं थी।जब टीम को उनकी जरूरत थी तब उन्होंने बल्ले से स्कोर किया है। कम ही सही लेकिन वे बल्ले से निरंतर योगदान देते रहे। पृथ्वी ने 6 मैचों की 5 पारियों में 65.25 के औसत से 261 रन बनाए। इस प्रदर्शन के साथ ही वे भारत के दूसरे कामयाब बल्लेबाज रहे। उन्होंने पहले ही मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 94 रनों की पारी खेली। ये उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। अंडर 19 की ओर से अपना पांचवा मैच खेलते हुए 6 फरवरी 2017 को पृथ्वी शॉ ने पहला अंडर 19 स्तर का शतक बनाया। नवंबर 2017-18 के रणजी ट्राफी टूर्नामेंट में पृथ्वी शॉ ने मुंबई की ओर से खेलते हुए दो लगातार शतक ठोंके। यह उनका अब तक खेले गए सभी पांच प्रथम श्रेणी मेचों में कुल चौथा शतक था। नवंबर 2013 में हैरिस शील्ड एलीट डिवीजन के एक मैच में अकेले 546 रन बनाकर पृथ्वी पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आए थे।पृथ्वी शॉ का यह प्रदर्शन क्रिकेट के इतिहास में आधिकारिक रूप से किसी मान्यता प्राप्त क्रिकेट टूर्नामेंट में, किसी भी बल्लेबाज का सर्वश्रेष्ठ स्कोर था।

आईपीएल की नीलामी में उन्हें दिल्ली डेयरडेविल्स ने 1.2 करोड़ रुपये में खरीदकर अपने साथ जोड़ा है।भारत की इस बड़ी जीत में झारखंड के स्पिन गेंदबाज अनुकूल रॉय के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अनुकूल रॉय ने जरूरत के वक्त पर विरोधी टीम के विकेट चटकाए। पूरी श्रृंखला में अनुकूल रॉय ने 14 विकेट लिए। इस प्रदर्शन के साथ ही वे टूर्नामेंट के सबसे कामयाब गेंदबाज बने। बिहार में क्रिकेट का भविष्य न देखते हुए इस खिलाड़ी ने झारखंड का रुख किया और चाइबासा जिला अंतर्गत पश्चिम सिंहभूम से क्रिकेट खेलने लगे। वहां से अपने हरफनमौला प्रदर्शन को जारी रखते हुए एक अलग पहचान बनायी। फिर अपने बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत यह झारखंड क्रिकेट अंडर 19 टीम के कप्तान के रूप में चुने गए। इसके बाद अनुकूल को इंडिया ग्रीन टीम का कप्तान बनाया गया। 

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंडिया कोल्ट की ओर से इंग्लैंड अंडर-19 कोल्ट टीम के खिलाफ खेलते हुए अनुकूल राय ने तीन विकेट लेकर नाबाद 62 रनों की बेहतरीन पारी खेली। इसी प्रदर्शन के आधार पर टीम के कोच राहुल द्रविड़ की सलाह पर अनुकूल को भारतीय अंडर 19 टीम में स्थान दिया गया।

कमलेश नागरकोटी और शिवम मावी की धारदार गेंदबाजी के आगे विरोधी टीम के सभी खिलाड़ी पस्त दिखे। पूर्व क्रिकेटरों के साथ-साथ देश के क्रिकेट प्रेमियों ने भी इनकी गेंदबाजी को खूब सराहा है। इन दोनों ने साबित कर दिया है कि भारत के 19 साल के युवा खिलाड़ी भी 145/घंटा से ऊपर की स्पीट से गेंद फेंक सकते हैं।नागरकोटी और शिवम नौ-नौ विकेट चटकाए। दोनों के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए आईपीएल नीलामी में भी उनके नाम की बड़ी बोली लगी। दोनों ही करोड़ों में बिके।

कमलेश नागर कोटी

शुरुआत में कमलेश जयपुर की गलियों में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला करते थे।  जिसपर संस्कार क्रिकेट अकादेमी कोच सुरेन्द्र राठोर की नजर पड़ी। वे परिवार से मिले और इस बारे में बताया। उनका परिवार राजी हो गया और सपोर्ट भी किया। उस वक्त कमलेश मात्र 12 साल के थे और 7वीं क्लास में पढ़ते थे। फिर यही से बॉलिंग ट्रेनिंग लेने की शुरुआत हुई।

जल्द ही उन्हें राजस्थान रणजी टीम में जगह मिल गई। जहां उन्होंने खेलते हुए पहली बार विकेटों की हैट्रिक ली। वे राजस्थान की तरफ से लिस्ट ए में हैट्रिक लेने वाले पहले बॉलर बने। उन्होंने यह डेब्यु 26 फरवरी 2017 को मुंबई के खिलाफ चेन्नई में किया था। बेहतरीन प्रदर्शन का कमलेश को जल्दी ही अच्छा फल मिला, जब उन्हें पृथ्वी शॉ के साथ न्यूजीलैं में आयोजित अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का हिस्सा बनाया गया। इनके अच्छे प्रदर्शन और खासकर उनके गेंद की रफ्तार की प्रशंसा वीरेंद्र सेहवाग, सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली तक ने की है।

शिवम मावी

बीबीए के छात्र शिवम मावी नोएडा के सेक्टर-71 में परिवार के साथ जनता फ्लैट में रहते हैं। उन्होंने बताया कि वे 12 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। शिवम अधिकतम 147.7 की रफ्तार से गेंदबाजी कर चुके हैं। वे बुमराह को अपना आदर्श मानते हैं। 

ये दाहिने हाथ से बल्लेबाजी और गेंदबाजी करते है और ये हरफनमौला खिलाड़ी के रूप में जाने जाते हैं। इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी में इन्हें कोलकाता नाईट राइडर्स ने 3 करोड़ में खरीदा है, मावी का यह पहला इंडियन प्रीमियर लीग होगा।

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