अमित शाह के पुरुलिया दौरे पर गरमाई सियासत

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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने हाल ही में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से मिशन बंगाल का बिगुल बजाया था। इस दौरान उन्होंने बीते दिनों मारे गए पार्टी के दो कार्यकर्ताओं के परिजनों से भी मुलाकात की थी। अब उनके इस मुलाकात को लेकर एक नया बखेरा शुरू हो गया है। खबर है कि अमित शाह के पुरुलिया से जाते ही टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने परिजनों को धमकी दी और उन्हें पार्टी में शामिल होने का दबाव बनाया। 

भाजपा नेता चंद्र बोस ने कहा कि पार्टी के राज्य नेतृत्व को चेतावनी दी गई थी कि इससे पहले कि हम अमित शाह जी को किसी के घर ले जाएं, उस परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। क्योंकि जैसे ही अमित शाह ने पुरुलिया छोड़ा, टीएमसी के गुंडों ने परिवार को धमकी दी और अब अफवाह यह है कि यह परिवार टीएमसी में शामिल होगा। हमें समझदारी से काम करना चाहिए था। 

बता दें कि अमित शाह ने पुरुलिया में एक रैली को संबोधित करते हुए पंचायत चुनावों में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या पर रोष जताते हुए कहा था कि ममता सरकार ने रविंद्र संगीत की धुन पर नाचने वाले बंगाल में हिंसा की धुन बजा कर इस राज्य को दुनिया भर में बदनाम कर दिया। 

उन्होंने कहा था कि टीएमसी की हिंसा से भाजपा डरने वाली नहीं है। भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने के लिए टीएमसी ने पार्टी के उम्मीदवारों को पर्चा भरने नहीं दिया। दो करोड़ लोगों को वोट नहीं डालने दिया। डराने के लिए पार्टी के 20 कार्यकर्ताओं की हत्या की। 1341 कार्यकर्ता हिंसा में घायल हुए। इसके बावजूद पार्टी 7,000 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रही। अगले विधानसभा चुनाव में त्रिपुरा की जनता की तरह बंगाल की जनता भी ममता को सत्ता से बाहर कर देगी। 

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उन्होंने दावा किया है कि ममता बनर्जी के शासनकाल में बंगाल का विकास नहीं हुआ है लेकिन तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को ज्यादा अधिकार मिल गए हैं। शाह ने कहा कि राज्य में तमाम फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं। यहां सिर्फ बम बनाने वाली फैक्ट्रियां चल रही हैं। 

अपने दो दिवसीय बंगाल दौरे के दौरान अमित शाह ने बीरभूम जिले के तारापीठ पहुंचकर भारी सुरक्षा के बीच मशहूर तारा मां मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। साथ ही पार्टी के संपर्क फॉर समर्थन अभियान के तहत भाजपा प्रमुख ने पुरुलिया के लांगदा गांव में जाकर लोगों से मुलाकात की। 

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