सीतापुर में सदमे से एक किसान की चली गयी जान

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सीतापुर उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सदमे से एक किसान की जान चली गयी. किसान बृजपाल रामकोट थाना क्षेत्र के मढ़िया गांव का रहने वाला है. परिवार वालों का कहना है कि ब्रजपाल गन्ना लेकर जवाहरपुर चीनी मिल गया था वहाँ से गन्ने की ट्राली वापस कर दी गयी. इतना ही नही आरोप ये भी है कि ये भी नही बताया गया कि गन्ना मिल में क्यों नही लिया जा रहा है.
यही कारण रहा कि बृजपाल खामोश हो गया घर आते ही वो बहुत सदमे में था जिसकी वजह से उसे हार्टअटैक आ गया और उसकी मौत हो गयी. किसान बृजपाल घर में खुद ही कमाने वाला था. उसके पास 5 बीघा ज़मीन थी. जिस पर वो खेती कर अपना परिवार चलता था. अब उसके जाने के बाद उसकी पत्नी है और उसके 4 छोटे – छोटे बच्चे है जो बेसहारा हो गये। यूपी के मुख्य्मंत्री का सख्त निर्देश था कि जब तक किसानो का एक एक गन्ना खेत से चीनी मिल तक  नही पहुच जायेगा तब तक प्रदेश की कोई भी चीनी मिले बन्द नही की जायेगी. सारा गन्ना किसानों का पहुचने के बाद ही चीनी मिलें बन्द होगी .लेकिन यहाँ पर बेलगाम अधिकारी तो किसान का दर्द सुनने वाले ही नही है. आज पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री के झूठे आश्वासन की वजह से खून के आंसू रो रहा है।अभी कुछ दिन पहले ही जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया था कि सरकार के सख्त निर्देश है की जब तक किसान का गन्ना खेतों में खड़ा है. चीनी मिल बंद नही होगी. चलती रहेंगी. लेकिन अधिकारी के मुताबिक़ सारे दावे हवा हवाई साबित हुए. यही वजह रही कि आज किसान को अपनी जान सदमे से चली गयी।
राष्ट्रीय लोक दल के जिला अध्यक्ष आरपी सिंह चौहान ने कहा की किसान की मौत का कारण उसका गन्ना न लिए जाने की वजह से हुई है. सरकार भी इस किसान की मौत की बराबर की ज़िम्मेदार है. किसान के घर वालों को 20 लाख का जुर्माना मिलना चाहिए. ताकि उसके बच्चों का पालन हो सके।सीतापुर  : उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सदमे से एक किसान की जान चली गयी. किसान बृजपाल रामकोट थाना क्षेत्र के मढ़िया गांव का रहने वाला है.
परिवार वालों का कहना है कि ब्रजपाल गन्ना लेकर जवाहरपुर चीनी मिल गया था वहाँ से गन्ने की ट्राली वापस कर दी गयी. इतना ही नही आरोप ये भी है कि ये भी नही बताया गया कि गन्ना मिल में क्यों नही लिया जा रहा है. यही कारण रहा कि बृजपाल खामोश हो गया घर आते ही वो बहुत सदमे में था जिसकी वजह से उसे हार्टअटैक आ गया और उसकी मौत हो गयी. किसान बृजपाल घर में खुद ही कमाने वाला था. उसके पास 5 बीघा ज़मीन थी. जिस पर वो खेती कर अपना परिवार चलता था. अब उसके जाने के बाद उसकी पत्नी है और उसके 4 छोटे – छोटे बच्चे है जो बेसहारा हो गये। यूपी के मुख्य्मंत्री का सख्त निर्देश था कि जब तक किसानो का एक एक गन्ना खेत से चीनी मिल तक  नही पहुच जायेगा तब तक प्रदेश की कोई भी चीनी मिले बन्द नही की जायेगी. सारा गन्ना किसानों का पहुचने के बाद ही चीनी मिलें बन्द होगी .लेकिन यहाँ पर बेलगाम अधिकारी तो किसान का दर्द सुनने वाले ही नही है.
आज पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री के झूठे आश्वासन की वजह से खून के आंसू रो रहा है।अभी कुछ दिन पहले ही जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया था कि सरकार के सख्त निर्देश है की जब तक किसान का गन्ना खेतों में खड़ा है. चीनी मिल बंद नही होगी. चलती रहेंगी. लेकिन अधिकारी के मुताबिक़ सारे दावे हवा हवाई साबित हुए. यही वजह रही कि आज किसान को अपनी जान सदमे से चली गयी। राष्ट्रीय लोक दल के जिला अध्यक्ष आरपी सिंह चौहान ने कहा की किसान की मौत का कारण उसका गन्ना न लिए जाने की वजह से हुई है. सरकार भी इस किसान की मौत की बराबर की ज़िम्मेदार है. किसान के घर वालों को 20 लाख का जुर्माना मिलना चाहिए. ताकि उसके बच्चों का पालन हो सके।
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