अपनी तकदीर पर आँशु बहा रहा देश को खादी पहनाने वाला  खादी आश्रम 

-आखिर कब टूटेगी योगी सरकार की गहरी — नींद-कब गीजर होगा 

-आखिर कब बढ़ेगी बापू के चरखे की धीमी रफ्तार

एंकर – जहाँ पूरा भारत देश खादी के कपड़ो से कभी गुलजार हुआ करता था — जिसे देश के राष्ट्रपिता बापू  गांधी जी ने अपने हाथों से देश को अच्छा पहनावा दिया था — बापू अपना जयादातर समय चरखा ही चलाने व् जनहित के लिए काम करने में अपना जीवन का बलिदान कर दिया — पूरा राष्ट्र उन्हें आज  राष्ट्रपिता के नाम से जानता है —  बापू तो नहीं लेकिन उनके विचार उनका कार्य उनकी यादे आज भी ज़िंदा है — खादी के कपडे जयादतर देश की राजनीति को बदलने वाले नेता धारण करते हैं —- देश का व बापू का ड्रीम प्रोजेक्ट खादी आज धीरे धीरे खात्मे की ओर हो चला है—-आज हम देश के ऐसे खाड़ी स्वराज आश्रम की दुर्गति की वो तस्वीरे आपको दिखाएंगे— जहा से खादी का व्यापार यूपी बिहार पूरे भारत देश समेत मलेशिया तक मे अपना झंडा गाड़ दिया— जहां यहां की खाड़ी के बने कपड़ों का व्यापार होता था— वहां के लोग खादी धारण करते थे—- आज सरकार की गहरी नींद के चलते यह आश्रम धीरे धीरे खात्मे की ओर जा रहा है—- 

V/o—1–तस्वीरे यूपी के हरदोई जनपद के मल्लावां कस्बे की हैं जो कि हरदोई मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है— जहां  हरदोई- जनपद ही  नाही बल्कि पुूरे सम्पूर्ण भारत की शान रहा मल्लावां का का ये खाड़ी स्वराज आश्रम आज अपनी तकदीर के बदहाली पर आशु  बहा रहा है — इस आश्रम की शुरुआत 1921 इ० में सत्यनारायण गुप्ता ने की थी जो की कसबे की ही एक समाजसेवी थे।  हजारों कर्मचारी काम करता था — ये स्वराज आश्रम कभी काफी गुजार हुआ करता था लेकिन अफ़सोस पूरे देश में अपनी खादी की सोहरत बिखेरने वाला ये स्वराज आश्रम आज अपनी ही ंबधाली पर आँशु बहा रहा है। 

 V/o -2 – खादी के हब रहे मल्लावां क्षेत्र में समय के साथ चरखा की रफ्तार धीमी पड गई—– जिला, प्रदेश, देश ही नही मलेशिया तक पहचान रखने वाली खादी के व्यवसाय के उपेक्षित होने से इससे जुडे लोग और व्यवसाय पहचान खोने लगा है—- बुनकरों से जुडी करीब 50 सोसायटी भी संचालित थी —-समय की मार और उपेक्षा से खादी के व्यवसाय से जुडे परिवार इससे दूर होते गए । और दूसरे व्यवसाय की ओर मुड गए या फिर मजदूरी करने लगे।  धरोहर की पड़ताल की गयी तो वहा के कर्मचारियों का दर्द खुल कर कैमरे के सामने  गया — और उन्होंने अपना दर्द बयान किया।  ज़रा सुनिए इनका दर्द जो की देश के पीएम मोदी  योगी से अपने स्वराज के लिए रोजगार की दुहाई कर रहे हैं। 

बाइट—रामआसरे—कर्मचारी स्वराज आश्रम—

बाइट—मुन्नी —बुनकर –स्वराज आश्रम 

बाइट—लछमी — कर्मचारी—  

V/o -3  – जब टीम ने वहां के  आश्रम की स्थिति के बारे में पूछा तो उन्होंने भी  बिगड़ते हालातों  रोने लगे वहां के स्वराज आश्रम के करता धर्ता रामआसरे ने पूरी जानकारी दी। 

बाइट —रामआसरे

V/o -4 – स्वराज आश्रम की न्यू डालने वाले — सत्य नारायण गुप्ता के सुपुत्र अंकित जायसवाल जो की वर्तमान में कसबे की  चैयरमेन हैं उन्होंने भी वहां की स्थिति से रूबरू कराया — व सीएम योगी से इस धरोहर  की काया पलटने का आग्रह किया। सुनिए इनकी जुबानी। 

बाइट- अंकित जायसवाल— चैयरमेन

रिपोर्ट–आशीष सिंह
हरदोई उत्तर प्रदेश
मो 9415739512

 

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