आइये जानते है किस कारण से होती है जुड़वा संतान

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आप सभी जानते ही होंगे शादी के बाद हर औरत का मां बनने का सपना होता है. हर महिला माँ बनने के सपने देखती है और माँ बनने के बाद अपने बच्चे को खुश रखती हैं. जी दरअसल दुनियाभर में दांपत्य जीवन को तब तक सफल नहीं माना जाता है जब तक उन्हें संतान सुख की प्राप्ति न हो. वहीं कई बार आपने देखा और सुना होगा कि महिलाओं को जुड़वा बच्चे भी होते हैं, वैसे विज्ञान में जुड़वा बच्चों को लेकर इसके बारे में कई तरह के तर्क दिए है. अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आखिर जुड़वां बच्चे किन महिलाओं को प्राप्त होते हैं. आइए बताते हैं.

1. ज्योतिष के अनुसार, जब लग्न एवं चंद्रमा समराशि में स्थित हो और पुरुष ग्रह द्वारा देखे जाते हो तो जुड़वा संतान होती है.

2. मिथुन या धनु राशि में गुरु-सूर्य हो एवं बुध से दृष्ट हो तो पुत्र जुड़वा संतान होती है.

3. बुध, मंगल, गुरु और लग्न बलवान हो तथा समराशि में स्थित हो तो जुड़वा संतान होती है.

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4. चंद्रमा एवं शुक्र एक ही राशि में स्थित हों तो जुड़वा बच्चे पैदा होते हैं.

5. बुध, मंगल एवं गुरु विषम राशि में हो तो जुड़वा बच्चे होते हैं.

6. शुक्र, चंद्र, मंगल, कन्या या मीन राशि में बुध से दृष्ट हो तो दो पुत्रियां जुड़वा होती हैं.

7. कहा जाता है स्त्री की कुंडली के सातवें स्थान पर राहु हो या गुरु-शुक्र एक साथ हो तो जुड़वा संतान होती है लेकिन शादी के काफी समय बाद होती है.

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