बिहार के DM बोले-अधजली लाश पक्के तौर पर COVID-19 के मरीज की नहीं है….

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हाजीपुर नगर के कोनहारा घाट पर शुक्रवार की सुबह अधजले शव के अवशेष को कुत्ते और कौवे नोच-नोचकर खा रहे थे। इसकी खबर स्थानीय लोगों के बीच फैल गई और लोग जुट गए। प्रशासन पर लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गुरुवार को यहां दाह-संस्कार के लिए लाया गया कोरोना संक्रमित का शव अधजली स्थिति में छोड़ दिया गया।

बहरहाल, सोशल मीडिया पर खबर फैलने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। डीएम उदिता सिंह ने कहा कि इसकी जांच करायी जाएगी। उन्होंने जांच कराने के बाद कहा कि शव को लेकर चर्चाएं और आरोप निराधार हैं और यह जिस किसी भी मृतक व्यक्ति का शव का अवशेष रहा होगा, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसका भी दाह-संस्कार करवा दिया है।

इधर सुबह शव की दुर्दशा देख स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा भी किया। हाजीपुर सदर अस्पताल से स्वास्थ्य कर्मी और पुलिस मौके पर पहुंचे। लोगों की नाराजगी देखकर डीएम ने हाजीपुर सदर के एसडीएम संदीप शेखर प्रियदर्शी एवं एसडीपीओ राघव दयाल को संयुक्त रूप से इस घटना की जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया।

शाम को हाजीपुर समाहरणालय सभागार में प्रेस कॉफ्रेंस कर डीएम उदिता सिंह ने सोशल मीडिया पर चल रही खबर को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी कोरोना मरीज के शव का अवशेष नहीं था।

उ्न्होंने कहा कि एसडीएम एवं एसडीपीओ ने विस्तृत जांच की है। कोरोना संक्रमित व्यक्ति के शव का दाह संस्कार गुरुवार की शाम को ही कर दिया गया था।

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एसपी गौरव मंगला एवं एसडीएम संदीप शेखर की मौजूदगी में डीएम ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव का शव कोनहारा घाट पर जलाने को लेकर लोगों ने विरोध करते हुए अवरोध पैदा करने की कोशिश की थी। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन को फॉलो करते हुए शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।

दिल्ली से लौटे युवक ने कर ली थी आत्महत्या, निकला था पॉजिटिव

दिल्ली से लौटे एक युवक ने अंबेडकर हॉस्टल के क्वारंटाइन सेंटर में आत्महत्या कर ली थी। उसका शव छत से लटकता पाया गया था। मौत के बाद युवक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। लोगों के मुताबिक कोनहारा घाट के निवासियों ने आरोप लगाया कि बुधवार रात को व्यक्ति का अंतिम संस्कार बेहद लापरवाही से किया गया क्योंकि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को संक्रमण का डर था।

लोगों ने किया था अंतिम संस्कार का विरोध
जिलाधिकारी उदिता सिंह ने कहा कि स्थानीय लोगों ने ही कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के डर से अंतिम संस्कार के समय विरोध किया था। उन्होंने कहा कि शव के अंतिम संस्कार के समय तक परिवार का कोई भी व्यक्ति नहीं पहुंचा था।
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