गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले परिवर्तन से बढ़ सकते हैं संक्रमण के खतरे

*पौष्टिक आहार का जरूर सेवन करें गर्भवती*
• विशेषज्ञों के मुताबिक लापरवाही पड़ सकती है भारी

लखनऊ, (ht) 9 अप्रैल 2020
कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण के मद्देनजर बच्चों-बुजुर्गों और नवजवानों के साथ गर्भवती महिलाओं को भी अपना खास ख्याल रखने की जरूरत है। विशेषज्ञों के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खासतौर पर अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए।

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फॉर एडोलसेन्स की प्रमुख डॉ. सुजाता देव के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को उनके शरीर में होने वाले परिवर्तन से कुछ संक्रमण के खतरे बढ़ सकते हैं। हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि गर्भवती में आम जनता की तुलना में कोविड-19 से बीमार होने की संभावना ज्यादा है।

डॉ सुजाता कहती हैं- कोविड-19 से बचाव का एकमात्र जरिया सावधानी है। हमें उन सभी सलाहों को मानना चाहिए जो चिकित्सक बता रहे हैं तथा सरकार द्वारा जारी की गई है।

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उनके मुताबिक गर्भवस्था के समय महिलाओं को अपने भोजन में कार्बोहाईड्रेट, फैट, प्रोटीन, विटामिन, हाई फाइबर व मिनरल्स आदि को शामिल कर संतुलित भोजन का सेवन करना चाहिए। साथ ही प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ जैसे विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ, अखरोट, बादाम, सुपर फ़ूड जैसे हल्दी, अदरख, लहसुन आदि का सेवन करना चाहिए।
डॉ. सुजाता ने बताया कि खाना सफाई से बना हुआ, ताजा तथ अच्छे से पका हुआ ही खाएं। फलों व सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छे से धो लें। गुनगुने पानी का सेवन करें।
उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 20-25 मिनट योग या साधारण इनडोर स्ट्रेचिंग व्यायाम या सरल योग व्यायाम करना चाहिए। कैफीन, अल्कोहोल, तम्बाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। प्रतिदिन कम से कम 8-10 गिलास पानी या तरल पदार्थ पीने चाहिए।
डॉ. सुजाता ने कहा कि यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में कठिनाई हो तो देखभाल करें। स्वास्थ्य सुविधा जाने से पहले कॉल कर चिकित्सीय सलाह का पालन करें।

ऐसे रखें अपना ख्याल

• पहली तिमाही में पौष्टिक नाश्ते के साथ तीन बार भोजन करना चाहिए। साथ ही पांच मिग्रा की फोलिक एसिड की एक गोली रोजाना लेनी चाहिए। आयरन, कैल्शियम या अन्य किसी भी दवाई का सेवन पहली तिमाही में नहीं करना है
• दूसरी और तीसरी तिमाही में दो पौष्टिक नाश्ते के साथ तीन बार भोजन करना चाहिए। साथ ही आयरन फोलिक एसिड (आईएफए) की रोजाना एक गोली का सेवन करना चाहिए जिसे प्रसव के बाद माह माह तक जारी करना चाहिए।
• गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में एक एल्बेन्डाजोल की टेबलेट का सेवन करना चाहिए।
• दूसरी व तीसरी तिमाही में भोजन के बाद दो कैल्शियम की गोली का नियमित रूप से सेवन करना चाहिये। आयरन व कैल्शियम का सेवन एक साथ नहीं करना चाहिए। कैल्शियम को दूध के साथ और आयरन को विटामिन सी जैसे नींबू-पानी, आंवल आदि के साथ लेना चाहिये। जंक फ़ूड का सेवन नहीं करना चाहिए।

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