ईरान परमाणु समझौते से मुँह मोड़ना ट्रंप की बड़ी गलती: ओबामा

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ईरान परमाणु समझौते से अमरीका के हटने के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ट्रंप के इस निर्णय को  ‘मिसगाइडेड’ बताया है. ट्रंप ने ओबामा कार्यकाल में किये गए समझौते को तोड़ने का एलान कल ही किया है. ट्रंप के इस समझौते से हटने के फैसले को गलत बताते हुए ओबामा ने कहा ” मुझे लगता है कि इस डील को रद्द करना ट्रंप की एक बड़ी गलती है.” आमतौर पर सक्रीय राजनीति से दूर रहने वाले ओबामा इससे पहले भी ट्रंप के कई फैसलों पर एतराज जाता चुके है.

 अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के साथ हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने की घोषणा की. ओबामा के कार्यकाल में हुए इस समझौते की ट्रंप पहले भी कई बार आलोचना कर चुके थे. ट्रंप ने कहा , ‘‘ मेरे लिए यह स्पष्ट है कि हम ईरान के परमाणु बम को नहीं रोक सकते. ईरान समझौता मूल रूप से दोषपूर्ण है. इसलिए, मैं ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने की घोषणा कर रहा हूं. ’’

इसके कुछ देर बाद उन्होंने ईरान के खिलाफ ताजा प्रतिबंधों वाले दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किये और देशों को ईरान के विवादित परमाणु हथियार कार्यक्रम पर उसके साथ सहयोग करने के खिलाफ चेताया. ट्रंप ने कहा कि इस समझौते ने ईरान को बड़ी मात्रा में धन दिया और इसे परमाणु हथियार हासिल करने से नहीं रोका. ट्रंप ने यह फैसला कर अहम यूरोपीय सहयोगियों और अमेरिका के शीर्ष डेमोक्रेट नेताओं की सलाह को नजरअंदाज किया. अपने चुनाव प्रचार के समय से ही ट्रंप ने ओबामा के ईरान परमाणु समझौते की कई बार आलोचना की है. उन्होंने समझौते को खराब बताया था.

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जुलाई 2015 में ईरान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों और जर्मनी तथा यूरोपीय संघ के बीच वियना में ईरान परमाणु समझौता हुआ था. ट्रंप के फैसले का दुनियाभर में प्रभाव होगा. इससे ईरान की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी और पश्चिमी एशिया में तनाव बढे़गा. अन्य सदस्य देशो ने भी ट्रंप के इस फैसले की निंदा की है.  

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