
महाशिवरात्रि पर वैशाली जिले के हाजीपुर में पातालेश्वरनाथ मंदिर से निकली भव्य शिव बारात में लाखों श्रद्धालु शामिल हुए। सड़कों से लेकर घरों की छतों तक भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
वैशाली जिला के हाजीपुर में हर-हर शंभू और शिव-महादेवा शंभू के जयघोष के बीच लाखों की संख्या में श्रद्धालु शिवमय हो गए। शहर में जिधर देखिए उधर सिर्फ शिवभक्त ही नजर आ रहे थे। सड़कों पर इतनी भीड़ थी कि चींटी चलने की भी जगह नहीं थी। घरों की छतों पर भी बड़ी संख्या में लोग शिव बारात देखने को उत्साहित दिखे। रविवार सुबह 9 बजे नगर के महादेव पातालेश्वरनाथ मंदिर से शिव बारात निकली, जो देर रात तक अक्षयवट राय स्टेडियम पहुंचेगी। शहर और गांवों से 8 से 10 लाख श्रद्धालु बारात देखने पहुंचे। बारात में शामिल झांकियों और बैंड दलों को स्टेडियम में पुरस्कृत किया गया।
10 घंटे थमा शहर, जयघोष से गूंजा हरिहरक्षेत्र
शिवभक्तों की अपार भीड़ के कारण 10 घंटे से अधिक समय तक शहर की रफ्तार थमी रही। श्रद्धालु लगातार बाबा भोलेनाथ के जयकारे लगाते रहे। हर-हर महादेव के जयघोष से बाबा की नगरी हरिहरक्षेत्र गूंज उठी।
सैकड़ों झांकियां, ढोल-नगाड़े और उड़ता गुलाल
हाजीपुर की शिव बारात की बात ही अलग है। सैकड़ों झांकियां, लाखों की भीड़, ढोल-नगाड़े और उड़ता गुलाल इस बारात की खास पहचान है। पुराणों में वर्णित शिव बारात की झलक यहां साफ दिखाई देती है। हाथी-घोड़े, बैंड-बाजे, ढोल-मंजीरे और भूत-पिशाचों की टोली भी बारात के साथ चलती है।
35 वर्षों से परंपरा निभा रहे नित्यानंद राय
बारात की अगुवाई केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय करते हैं। सबसे आगे सजी हुई बैलगाड़ी पर शिव-पार्वती की पालकी लेकर वह गाड़ीवान बन पूरे शहर में चलते हैं। करीब 35 वर्षों से वह इस परंपरा से जुड़े हैं। विधायक, सांसद और मंत्री बनने के बाद भी उन्होंने यह स्वरूप नहीं छोड़ा।
क्या बोले केंद्रीय मंत्री
नित्यानंद राय ने कहा कि वह 35 वर्षों से बाबा के गाड़ीवाहक बने हुए हैं। जब तक जीवन रहेगा, वह इसी रूप में रहेंगे। वह कहीं भी रहें, लेकिन महाशिवरात्रि के दिन हाजीपुर में ही रहते हैं।