
लखनऊ।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के विभिन्न ज़ोनों में अभियंताओं की तैनाती को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्टाफ की कमी, मनमानी तैनाती और एक ही कर्मचारी से लगातार कई महीनों तक अतिरिक्त कार्य लेने के मामलों ने प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
1. ज़ोन 6 में असमान तैनाती—दो सहायक अभियंता, दो अवर अभियंता
सूत्रों के अनुसार ज़ोन 6 में असामान्य रूप से दो सहायक अभियंताओं की तैनाती की गई है, जबकि सामान्यत: हर ज़ोन में केवल एक ही सहायक अभियंता होता है।
बताया जा रहा है कि प्रयागराज से स्थानांतरित एक सहायक अभियंता की ‘कथित पहुंच’ के चलते उन्हें समायोजित करने के लिए मानचित्र सेल के साथ प्रवर्तन का अतिरिक्त कार्य सौंप दिया गया।
इस व्यवस्था ने अन्य सहायक अभियंताओं में असंतोष के साथ-साथ विभागीय संतुलन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
2. ज़ोन 5 में स्टाफ की भारी कमी—केवल एक अवर अभियंता पर पूरा ज़ोन निर्भर
लगभग दो महीने से ज़ोन 5 में सिर्फ एक अवर अभियंता ही कार्य संभाल रहे हैं, जबकि दूसरा अवर अभियंता हटाया जा चुका है।
ज़ोन 5 का क्षेत्रफल बेहद व्यापक है और इसमें एक बड़ा ग्रामीण इलाका भी शामिल है।
स्थिति यह है कि इतने बड़े क्षेत्र में अधिकारियों की कमी के बावजूद अभी तक दूसरे अवर अभियंता की तैनाती नहीं की गई, जिससे कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
3. ज़ोन 1 में भी अव्यवस्था—प्रोन्नत अभियंता से ही कराया जा रहा अवर अभियंता का काम
ज़ोन 1 में इस समय केवल एक अवर अभियंता कार्यरत है। दूसरा अवर अभियंता करीब दो महीने पहले सहायक अभियंता पद पर प्रोन्नत हो चुका है, लेकिन फिर भी उसी ज़ोन में उससे अवर अभियंता का कार्य लगातार करवाया जा रहा है।
यह ज़ोन भी बड़ा और व्यस्त माना जाता है, बावजूद इसके अब तक किसी नए अवर अभियंता की नियुक्ति नहीं की गई है।
प्रबंधन पर सवाल
इन तीनों मामलों ने मिलकर LDA प्रबंधन की कार्यशैली, स्टाफिंग नीति और ज़िम्मेदाराना रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विभिन्न ज़ोनों में या तो स्टाफ की अनावश्यक भरमार है या फिर भारी कमी—दोनों ही स्थितियाँ नागरिक सेवाओं और प्रवर्तन कार्यों को प्रभावित कर रही हैं।